सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 66वीं वाहिनी में तैनात सफाईकर्मी के पति अमरीश ने दो बच्चों कंचन (4 वर्ष) एवं अमरेंद्र (3) की हत्या कर जान दे दी। शव के पास मिले सुसाइड नोट में अमरीश ने पत्नी को पूरी घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर जांच शुरू कर दी है। इस बीच अमरीश के भाई अश्वनी की तहरीर पर बंदना समेत छह लोगों पर नामजद और एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना उत्तर प्रदेश के महराजगंज के नौतनवा में हुई।
जानकारी के मुताबिक, एसएसबी की 66वीं वाहिनी के मुख्यालय में बतौर सफाईकर्मी तैनात गाजीपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र निवासी बंदना पति अमरीश कुमार, बेटी कंचन एवं बेटे अमरेंद्र के साथ गांधी नगर में किराए पर मकान में रहती है।
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रोती-बिलखती एसएसबी की महिला सफाईकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमरीश ने किया था फोन
रविवार की सुबह करीब 6:30 बजे वह ड्यूटी पर चली गई। कुछ देर बाद उन्हें गाजीपुर में मौजूद घर वालों से सूचना मिली कि अमरीश ने फोन किया था। फोन पर उसने अनहोनी घटना को अंजाम देने की बात कही है।
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मृतक अमरीश ठाकुर की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बंदना ने बताया कि उसने तत्काल 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को इसकी सूचना दी और अपने सहकर्मियों के साथ मकान के लिए निकल पड़ी। बंदना के अनुसार, ने कमरे में पहुंचने पर देखा कि कंचन का शव रसोई घर की खिड़की में रस्सी के सहारे लटक रहा था।
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मृतक अमरीश ठाकुर के रोते बिलखते परिजन
- फोटो : पाठक
पति के बाएं हाथ की नस कटी हुई मिली
अमरेंद्र का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि फंदा टूट जाने से वह नीचे गिर गया। वहीं, किचन से सटे कमरे के फर्श पर खून के छींटे पड़े थे। पति के बाएं हाथ की नस कटी हुई थी और उसका भी शव पंखे में कपड़ों से बने फंदे के सहारे लटका था।
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घटनास्थल की जांच-पड़ताल करती फॉरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कमरे का मंजर देख वहां मौजूद सभी स्तब्ध रह गए। इस बीच फॉरेंसिक टीम के साथ पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि अमरीश बेरोजगार था और घर पर ही बच्चों की देखभाल करता था।