कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में बहुत से लोग जो कमाने के लिए दूसरे शहर या राज्य गए हुए हैं, वे घर की ओर पैदल ही रूख कर चुके हैं। वहीं जो लोग घर से नहीं निकल पा रहे हैं वो सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद मांग रहे हैं। इसके अलावा पैदल जाने वाले लोगों को बहुत से स्थानीय लोग भोजन पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
LockDown: भूखे प्यासे घर की ओर कदम बढ़ा रहे लोग, जो फंसे हैं वो लगा रहे मदद की गुहार
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लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में लोग पैदल ही अपने घरों को लौट रहे हैं। पडरौना शहर में आए ऐसे लोगों की मदद के लिए पुलिस प्रशासन के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता भी आगे आ रहे हैं। ऐसे लोगों को भोजन कराकर वाहन से आगे भेजा जा रहा है।
देवरिया में लवे पुल के निर्माण में लगे मजदूर जाना चाहते हैं घर
भागलपुर तुर्तीपार के सरयू नदी पर दोहरी करण के लिए बन रहे डबल लाइन पुल के निर्माण में लगे लगभग सैकड़ों मजदूर काम बंद हो जाने के कारण फंस गए हैं और वे अपने घर वापस जाना चाहते हैं। सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने आज बलिया ग्राम के प्रधान नवनाथ यादव से मिलकर अपनी आप बीती बताई। मजदूरों का कहना है कि काम बंद हो जाने के कारण और करोना संक्रमण के चलते हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार बंद है और गांव के लोग भी हम लोगों को देखकर भड़क जा रहे हैं। प्रशासन हम लोगों को घर भेज दे नहीं तो पैदल जाएंगे।
बस्ती में फंसे हैं लोग
बस्ती जिले में रविवार की सुबह भानपुर क्षेत्र के नरखोरिया से बिहार के लिए 30 मजदूरों का दल पैदल जाते हुए दिखा। जिसमें पुरुषों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। पूछने पर बताया कि वह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क में काम करने के लिए बिहार प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से आए हैं। अभी लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया है। खाने-पीने और बाहर रहने में भी परेशानी आ रही है। इसीलिए पैदल ही बिहार वापस अपने घर जा रहे है।
यही हाल गोरखपुर शहर का भी है, यहां हजारों की संख्या में लोग दूसरे राज्यों से पहुंच रहे हैं जो प्रशासन के लिए एक नई चुनौती साबित हो रही है। हालांकि शहर के चारों तरफ पुलिस और स्वास्थ्य टीम बिना जांच के किसी भी शख्स को अंदर नहीं आने दे रही हैं।