इस बार रंगों का त्योहार होली उत्साह और जश्न में गुजरेगा तो रात में पूरा रोमांच होगा। इसकी वजह बेहद खास है, इस दिन चांद अपने सबसे बड़े आकार में और चमकीला होगा। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें इस चांद की खास बात...
दरअसल होली के दिन फाल्गुन मास की पूर्णिमा के कारण चांद ' सुपरमून ' बन जाएगा। ये चांद न सिर्फ आकार में बड़ा और चमकीला होगा, बल्कि ये अपनी रोशनी से धरती को जगमगाता रहेगा। इस दिन चांद धरती के एकदम पास होगा।
वहीं भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर रमेश चंद्र सिंह ने बताया कि होली के दिन पूर्णिमा का चांद और पूर्णिमा के दिनों की तुलना में 14 फीसद बड़ा और 28 फीसद अधिक चमकीला होगा। वहीं इस बार चांद पूरी तरह से गोल न होकर दीर्घ वृत्ताकार में होगा।
पंडित सामेश्वर महाराज के अनुसार, सैकड़ों साल में एक बार ऐसा होता है कि चांद पृथ्वी के इतने नजदीक होता है। 9 और 10 मार्च को पूर्णिमा के समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में आएंगे। ऐसे में चंद्रमा पृथ्वी के बिल्कुल नजदीक बिंदू पर आ जाएगा।
पंडित सामेश्वर के अनुसार, यह चांद लोगों के हित में बहुत अच्छा होता है। होली के दिन चंद्रोदय होने के बाद अपने घर की छत पर या खुली जगह से खड़े होकर चांद को देखें। फिर चंद्रमा का स्मरण करते हुए चांदी की प्लेट में सूखे छुहारे तथा कुछ मखाने रखकर शुद्ध घी के दीपक के साथ धूप एवं अगरबत्ती अर्पित करें। इससे घर में धन का यानि लक्ष्मी का वास होता है।