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Gorakhpur News: आठ घंटे की मशक्कत के बाद मदमस्त हाथी पर पाया काबू
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गोरखपुर। वाराणसी के रामनगर में रामलीला के दौरान उत्पात मचाने वाले मदमस्त हाथी को गोरखपुर चिड़ियाघर की विशेषज्ञ टीम ने आठ घंटे की मशक्कत के बाद काबू कर लिया। रविवार शाम पांच बजे मौके पर पहुंची टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन से दवा देकर हाथी को शांत किया।
गोरखपुर चिड़ियाघर के उप निदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम रविवार को जरूरी दवाओं और ट्रैंक्विलाइजर गन के साथ वाराणसी रवाना हुई थी। रामनगर पहुंचने के बाद टीम ने हाथी को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के लिए अभियान शुरू किया। हाथी लगातार उत्पात मचा रहा था, जिससे उसे काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार ट्रैंक्विलाइजर देकर उसे शांत किया गया।
रात करीब एक बजे रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद उसे ट्रक से रामनगर पीएसी कैंप पहुंचाया गया। यहां पेड़ से बांधने के बाद टीम लौट आई। अब हाथी की देखरेख की जिम्मेदारी काशी वन प्रभाग को सौंपी गई है।
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डेढ़ महीने से मदमस्त था हाथी
रामनगर में रामलीला के आयोजन के दौरान कई हाथी लाए गए थे। इनमें से एक हाथी करीब डेढ़ महीने से मदमस्त था। रविवार को रामलीला के दौरान वह अचानक बिदक गया और उत्पात मचाने लगा। उसे काबू करने की कोशिश कर रहे महावत पर भी उसने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। महावत को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने पर हाथी को नियंत्रित करने के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर की विशेषज्ञ टीम की मदद मांगी गई। रेस्क्यू के बाद अब काशी वन प्रभाग उसकी देखरेख करेगा। चिकित्सकीय निगरानी डॉ. योगेश प्रताप सिंह के निर्देशन में की जा रही है। डॉ. योगेश ने बताया कि हाथी मस्ती की अवस्था में था, इसी वजह से वह बिदक गया। फिलहाल उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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गोरखपुर चिड़ियाघर के उप निदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम रविवार को जरूरी दवाओं और ट्रैंक्विलाइजर गन के साथ वाराणसी रवाना हुई थी। रामनगर पहुंचने के बाद टीम ने हाथी को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के लिए अभियान शुरू किया। हाथी लगातार उत्पात मचा रहा था, जिससे उसे काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार ट्रैंक्विलाइजर देकर उसे शांत किया गया।
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रात करीब एक बजे रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद उसे ट्रक से रामनगर पीएसी कैंप पहुंचाया गया। यहां पेड़ से बांधने के बाद टीम लौट आई। अब हाथी की देखरेख की जिम्मेदारी काशी वन प्रभाग को सौंपी गई है।
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डेढ़ महीने से मदमस्त था हाथी
रामनगर में रामलीला के आयोजन के दौरान कई हाथी लाए गए थे। इनमें से एक हाथी करीब डेढ़ महीने से मदमस्त था। रविवार को रामलीला के दौरान वह अचानक बिदक गया और उत्पात मचाने लगा। उसे काबू करने की कोशिश कर रहे महावत पर भी उसने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। महावत को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने पर हाथी को नियंत्रित करने के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर की विशेषज्ञ टीम की मदद मांगी गई। रेस्क्यू के बाद अब काशी वन प्रभाग उसकी देखरेख करेगा। चिकित्सकीय निगरानी डॉ. योगेश प्रताप सिंह के निर्देशन में की जा रही है। डॉ. योगेश ने बताया कि हाथी मस्ती की अवस्था में था, इसी वजह से वह बिदक गया। फिलहाल उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।