गोरखपुर जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जिले के किसी हिस्से में बहुत हल्की बारिश हो रही है तो कहीं अत्यंत भारी बारिश। पिछले कुछ दिनों से लगातार ऐसा हो रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रत्याशित रूप से जिले में थंडर क्लाउड (गरजने वाले बादल) से बारिश हो रही है, जबकि सामान्य तौर पर 8 से 14 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित आल्टोस्टेटस क्लाउड (मध्यम बादल) से बारिश होती है।
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सोमवार रात जहां गोरखपुर में मात्र 34 मिलीमीटर बारिश हुई, वहीं कौड़ीराम में 95 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गोरखपुर-बस्ती मंडल के अन्य जिलों में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं रविवार रात को भी देवरिया में मात्र 9 मिलीमीटर बारिश हुई।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि बरसात के लिहाज से गोरखपुर को काफी ज्यादा अनिश्चित क्षेत्र माना जाता है। यहां आसपास के इलाकों की तुलना में बारिश के अनुपात में काफी ज्यादा अंतर रहता है।
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कुछ ही दूरी पर बदल जाता है थंडर क्लाउड से बारिश का रुख
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि सामान्यत: 8 से 14 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित आल्टोस्टेटस क्लाउड (मध्यम बादल) से बारिश होती है। इतनी ऊंचाई पर बादल एक ही तरह से काफी बड़े इलाके में फैले हुए रहते हैं और समान रूप से बरसते हैं, लेकिन इसबार थंडर क्लाउड से बारिश हो रही है। इसकी वजह से कुछ ही दूरी पर बारिश का रुख काफी ज्यादा बदल जाता है।