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Gorakhpur Monsoon: किसानों की चिंता, रूठे मानसून को मनाएं कैसे

Mon, 04 Jul 2022 11:33 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 04 Jul 2022 11:33 AM IST
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Gorakhpur Monsoon Paddy nursery affected due to below average rainfall in June
Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

पहले तो मानसून एक पखवाड़े की देरी से आया। आया तो बरसने में कंजूसी कर गया। परिणाम यह हुआ कि जनपद ही नहीं बस्ती-गोरखपुर मंडल में जून माह में औसत से कम बारिश हुई। जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। इस कारण कृषि विज्ञानी चिंतित हैं। उन्हें कृषि उत्पादन घटने की आशंका सता रही है। वहीं, बारिश कम होने से उमस भरी गर्मी से भी राहत नहीं मिल रही है, जिससे लोग परेशान हैं। इस कारण बिजली की खपत भी अधिक हो रही है।



भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देवरिया जनपद को छोड़ दें तो गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। गोरखपुर में सामान्य से 49 फीसदी कम बारिश हुई है। इस मामले में कुशीनगर सबसे पीछे है। कुशीनगर में सामान्य से 60 फीसदी कम बारिश रिकार्ड की गई। बस्ती में भी सामान्य से 57 फीसदी कम बारिश रिकार्ड हुई है। संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों में भी कम बारिश हुई है। इससे किसान परेशान हैं।

 

Gorakhpur Monsoon Paddy nursery affected due to below average rainfall in June
Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

कृषि विज्ञानियों का कहना है कि औसत से कम बारिश का असर कृषि उत्पादन पर पड़ेगा। पहले तो धान की नर्सरी का जमाव कम हुआ है। उसके बाद धान की रोपाई समय से नहीं हो पा रही है। इसके अलावा दूसरी अन्य फसलों की भी बिजाई नहीं हो पा रही है। वहीं, यदि कोई किसान धान की रोपाई कर भी दे रहा है, तो उसे सिंचाई महंगी पड़ रही है। दूसरी फसलों को लेकर भी किसान चिंतित हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि रूठे मानसून को कैसे मनाएं?  वहीं, कम बारिश होने से तापमान में गिरावट नहीं आ रही है। उमस भरी गर्मी का प्रकोप जारी है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अधिक बिजली का उपभोग कर रहे हैं। अधिक एसी चलने से पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।  

 

Gorakhpur Monsoon Paddy nursery affected due to below average rainfall in June
Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

जिला सामान्य औसत बारिश वास्तविक बारिश औसत से कम/ ज्यादा आंकड़े फीसदी में
गोरखपुर  222.7  112.7 -49
महराजगंज 164.8 125.5 -24
देवरिया 145.0 167.5 +16
कुशीनगर 144.5  58.0 -60
बस्ती 148.8 63.5    -57
सिद्धार्थनगर 198.3 134.2 -32
संतकबीरनगर  193.7 93.3  -52



 

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Gorakhpur Monsoon Paddy nursery affected due to below average rainfall in June
धान की रोपाई करते किसान - फोटो : अमर उजाला

धान की नर्सरी का जमाव कम, उत्पादन प्रभावित होगा
कृषि विज्ञानी डॉ एसके तोमर ने बताया कि नर्सरी जितनी अच्छी होती है, धान की पैदावार उतनी बेहतर मिलती है। इस बार समस्या गहराई है। पहले मानसून देरी से आया, फिर सामान्य से कम बारिश हुई। इससे धान की नर्सरी प्रभावित हुई है। इसका असर धान की फसल के उत्पादन पर पड़ सकता है।

 

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Gorakhpur Monsoon Paddy nursery affected due to below average rainfall in June
धान की नर्सरी डालने को खेत में जुटे किसान। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में साढ़े पांच लाख से ज्यादा किसान
गोरखपुर जिले में 1.62 लाख 523 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की बुआई की जानी है। साढ़े पांच लाख से ज्यादा किसान हैं। कम बारिश होने से ज्यादातर किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि मानसून देरी से आया। लिहाजा, नर्सरी की रोपई देरी से की जा सकी। उन्नत प्रजाति के बीज की बुआई की गई है, लेकिन जमाव कम है। धान की रोपाई के लिए बारिश का होना जरूरी होता है। खेत में पानी भर कर ही रोपाई की जाती है। बारिश नहीं होने से खेत में पानी नहीं भर रहा है। ऐसे में ट्यूबवेल या नहर से पानी भरकर रोपाई करनी पड़ रही है। यदि इसी तरह मौसम बना रहता है तो धान का उत्पादन प्रभावित होगा। किसानों की लागत भी बढ़ जाएगी।

 

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