गोरखपुर जिले से होकर बहने वाली ज्यादातर नदियों का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है। राप्ती और गोर्रा नदी को छोड़ दिया जाए तो घाघरा, रोहिन और कुआनो नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। हालांकि बांधों के कटान का खतरा बरकरार है। इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं।
Gorakhpur Flood: गोरखपुर की ये नदियां खतरे के निशान से आईं नीचे, बांधों के कटान का खतरा बरकरार
खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर जा चुकी राप्ती नदी का उफान कुछ कम हुआ है। इसकी मुख्य वजह पहाड़ों पर बारिश का न होना है। केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक राप्ती नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर है।
गोर्रा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि आयोग के अफसरों ने अब बाढ़ के खतरे से इंकार किया है। अफसरों का कहना है कि ज्यादातर नदियों का जलस्तर नीचे आ रहा है। अब सारा फोकस बांधों की सुरक्षा पर है। बाढ़ चौकी की मदद से 24 घंटे बांधों की निगरानी की जा रही है।
रविवार को नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का निशान जलस्तर सुबह आठ बजे शाम चार बजे
घाघरा (अयोध्या) 92.730 92.590 92.570
राप्ती (बर्डघाट) 74.980 75.210 75.120
कुआनो (मुखलिसपुर) 78.750 77.990 78.910
रोहिन (त्रिमुहानी) 82.440 81.140 81.080
गोर्रा 70.500 70.800 70.700
सांसद ने भेजी राहत सामग्री
शहर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रवि किशन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री बंटवाने का फैसला किया है। राहत सामग्री गोरखपुर सदर, कैंपियरगंज और सहजनवां तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में भेजी गई।