गोरखपुर मंडल में बहने वाली प्रमुख नदियों में से एक घाघरा नदी खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर ही नीचे रह गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या में घाघरा नदी मंगलवार की सुबह 92.340 मीटर पर बह रही थी शाम को इसका जलस्तर बढ़कर 92.530 पर पहुंच गया। इस नदी का खतरे का निशान 92.730 मीटर पर है।
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बड़हलगंज के पास सरयू नदी का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने सिंचाई विभाग समेत जिले के खजनी एवं गोला तहसील को अर्लट जारी किया है। आंकलन के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे के बीच यह नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। इसे देखते हुए दोनों तहसीलों की सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और बांधों पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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राप्ती नदी बर्डघाट।
- फोटो : अमर उजाला।
इस बीच बड़ी राहत की बात यह है कि मंडल में बहने वाली अन्य नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से न केवल काफी नीचे है बल्कि उनका जलस्तर घट भी रहा है। राप्ती नदी बर्डघाट में मंगलवार की सुबह 8:00 बजे 73.360 मीटर पर थी। शाम को घटकर 73.270 पर पहुंच गई। राप्ती नदी का खतरे का निशान 74.980 मीटर है। इसी तरह रोहिणी नदी त्रिमुहानी घाट पर सुबह 78.640 पर थी तो शाम को नीचे खिसक कर 78.470 मीटर पर आ गई। इसका खतरे का निशान 82.440 मीटर है।
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गोला बाजार के पास घाघरा नदी का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
इस तरह से रोहिन नदी खतरे के निशान से दो मीटर से अधिक नीचे हैं। वहीं मंडल में बहने वाली प्रमुख नदियों में से एक गंडक भी नीचे की तरफ आ रही है। सोमवार का इसका जलस्तर बाल्मीकि नगर बैराज पर 106.760 जबकि मंगलवार को जलस्तर 106. 490 मीटर दर्ज किया गया।
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सरयू नदी का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा, कटान जारी
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान जारी है। क्षेत्र के ददरी गांव में कृषि योग्य भूमि कटनी शुरू हो गई है तो वहीं जगदीशपुर गांव में भी कटान से ग्रामीण चिंतित हैं। खेतों की मिट्टी दरकती देख गांव के लोगों की नींद उड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटान को रोकने का इंतजाम नहीं किया गया तो सैकड़ों एकड़ जमीन व दर्जनों घर नदी में समा जाएंगे।