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गोरखपुर में बाढ़ से आफत: 171 गांवों में बाढ़ ने मचाई तबाही, राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.36 मीटर ऊपर

Mon, 30 Aug 2021 11:06 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 30 Aug 2021 11:06 AM IST
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Gorakhpur Flood devastation in many villages Due to Rapti river above danger mark after Heavy Rain in Nepal
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.36 मीटर ऊपर बह रही है। इससे बंधों पर जबरदस्त दबाव है। ग्रीन सिटी फेज टू के पास माधवपुर बंधे से पानी का रिसाव हो रहा है। इससे स्थानीय लोग सहमे हैं। बड़गो बंधे पर भी दबाव बना हुआ है। नदी के किनारे की मिट्टी तेजी से कटकर पानी में समा रही है। जलस्तर बढ़ने से राजघाट स्थित दोनों तरफ के रामघाट व गुरु गोरखनाथ घाट डूब गए हैं। अंत्येष्टि स्थल भी डूबने के कगार पर है।


राप्ती नदी का जलस्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 1998 में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2.56 मीटर ऊपर गया था। इससे बाढ़ ने तबाही मचाई थी। शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी घुस गया था। इस बार भी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अब तक जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक नदी खतरे के निशान से 1.36 मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। सोमवार को भी जलस्तर बढ़ सकता है। अगर जलस्तर में ठहराव नहीं आया तो नदी जल्द ही खतरे के निशान से दो मीटर तक ऊपर पहुंच जाएगी। इससे बंधों के कटान का खतरा रहेगा। सहजनवां क्षेत्र के डुमरिया बाबू बंधे पर भक्सा के पास कटान का खतरा बना हुआ है। इससे आसपास के ग्रामीण डरे हुए हैं।   
Gorakhpur Flood devastation in many villages Due to Rapti river above danger mark after Heavy Rain in Nepal
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
रोहिन नदी खतरे के निशान से 1.71 सेंटीमीटर ऊपर
जिले होकर बहने वाली रोहिन नदी का उफनाना जारी है। यह नदी खतरे के निशान से 1.71 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से बंधों पर दबाव है। कई जगह मिट्टी कटकर पानी में समा रही है। ग्रामीण लगातार बंधों की निगरानी कर रहे हैं। सरयू नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गोर्रा नदी खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। आमी नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। गोर्रा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। 2017 में जलस्तर बढ़ने की वजह से गोर्रा का बंधा टूटा था। तब भारी तबाही मची थी। अगर जलस्तर बढ़ने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।
Gorakhpur Flood devastation in many villages Due to Rapti river above danger mark after Heavy Rain in Nepal
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग का अनुमान फेल
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का अनुमान भी फेल हो गया है। उनका कहना था कि नेपाल से निकलने के बाद यूपी आने वाली नदियों का जलस्तर कम होगा। इसका असर घाघरा और राप्ती नदी के जलस्तर पर भी पड़ेगा लेकिन हुआ बिल्कुल उलट। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
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Gorakhpur Flood devastation in many villages Due to Rapti river above danger mark after Heavy Rain in Nepal
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
जिले की सभी नदियां इन दिनों उफान पर हैं। इसके चलते 171 गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। प्रभावितों ने बंधों पर शरण ली है। सभी सात तहसीलों की एक लाख 78 हजार से ज्यादा की आबादी बाढ़ से परेशान है। पशुओं को भी दिक्कतें हो रही हैं। अब तक 50 पशु केंद्र बनाए गए हैं, जहां चारे के इंतजाम किए गए हैं।    
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Gorakhpur Flood devastation in many villages Due to Rapti river above danger mark after Heavy Rain in Nepal
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
प्रशासन की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 6700 हेक्टेयर की फसलें बर्बाद हुई हैं। राहत-बचाव कार्य में 248 नावें लगाई गई हैं। अब तक बाढ़ प्रभावितों को 10138 राशन किट उपलब्ध कराई गई है। बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर गोला तहसील क्षेत्र में है। इस क्षेत्र के 48 गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है।
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