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ढाई दशक के ठहराव के बाद गोरखपुर के 'विकास' को गति देने लगा है ये कारखाना, मोदी-योगी ने साकार किया सपना

Thu, 04 Mar 2021 03:16 PM IST
vivek shukla अरुण चंद, गोरखपुर।
अरुण चंद, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 04 Mar 2021 03:16 PM IST
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Gorakhpur fertilizer factory special story with CM yogi and PM Modi
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

ढाई दशक के ठहराव के बाद नया खाद कारखाना विकास को फिर गति देने लगा है। जुलाई 2016 में कारखाने की नींव रखे जाने के साथ ही कारखाने के पांच से 10 किलोमीटर के क्षेत्र में जबरदस्त सामाजिक-आर्थिक बदलाव महसूस किया जाने लगा। जैसे-जैसे यह कारखाना अपने निर्माण के आखिरी पड़ाव पर पहुंच रहा है, इस इलाके में विकास की गति भी उसी तेजी से बढ़ती जा रही।



 

Gorakhpur fertilizer factory special story with CM yogi and PM Modi
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।
सड़कें और चौराहे चौड़े होने के साथ ही ऊंची-ऊंची इमारतों का जाल फैलता गया तो वहीं जमीन की कीमत भी लगातार बढ़ रही है। असुरन से लेकर गुलरिहा तक उप नगरीय संस्कृति विकसित हो गई है। यानी शहर के बीच एक नया शहर जहां स्कूल, दफ्तर, बाजार, मल्टीप्लेक्स, होटल, रेस्त्रां, गाड़ियों के शो रूम से लेकर अस्पताल तक हर तरह की सुविधा हो गई है।

 
Gorakhpur fertilizer factory special story with CM yogi and PM Modi
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

ढाई दशक पहले बंद हुआ गोरखपुर खाद कारखाना करीब दो दशकों तक गोरखपुर की संपन्नता और विकास की निशानी हुआ करता था। कारखाने के आसपास कभी रात नहीं होती थी। 24 घंटे रोशनी से पूरा इलाका जगमगाता था। शिफ्टवार ड्यूटी चलती थी तो बाहर चाय-पानी और पान की दुकानों पर भी हमेशा मजमा लगा रहता था। खाद कारखाने में सीनियर टेक्नीशियन रह चुके कोदई सिंह कहते हैं कि 70-80 के दशक में गोरखपुर एवं आस-पास इतनी पगार देने वाला, न तो कोई दफ्तर था न ही कल-कारखाना।

 

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Gorakhpur fertilizer factory special story with CM yogi and PM Modi
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

अब एक बार फिर उस इलाके में रौनक
यह तब है, जबकि कारखाना अभी शुरू नहीं हुआ है। जुलाई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। इसके बाद तो इस इलाके में विकास का पहिया और तेजी से घूमने लगेगा। जल्द ही कारखाने के ठीक के बगल में सैनिक स्कूल का निर्माण शुरू होगा। इसके अलावा जीडीए, मानबेला एवं उसके आस-पास कई नई परियोजनाएं लाने पर मंथन कर रहा है।

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Gorakhpur fertilizer factory special story with CM yogi and PM Modi
गोरखपुर खाद कारखाना।(इनसेट में पीएम मोदी व सीएम योगी)। - फोटो : अमर उजाला।

मोदी-योगी ने साकार किया सपना
मामूली से विवाद के बाद मजदूरों के लंबे आंदोलन की वजह से बंद हुआ गोरखपुर खाद कारखाना खुलने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ, सांसद रहते हुए लगातार कारखाने को खुलवाने के लिए सदन में आवाज उठाते थे। उनकी मेहनत तब रंग लाई जब 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2016 में कारखाने की नींव रखी और आज पुराने कारखाने की जगह उससे ज्यादा क्षमता वाले नए कारखाने का काम तकरीबन पूरा हो चुका है।  हिंदुस्तान उवर्रक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के गोरखपुर के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित का कहना है कि जुलाई 2021 से कारखाने में यूरिया का उत्पादन शुरू हो जाएगा।

 

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