गोरखपुर में वायु प्रदूषण के मामले में खेल किया जा रहा है। जस जगह पर प्रदूषण मापक यंत्र लगा है (एमएमएमयूटी) उस इलाके में पानी का छिड़काव कराकर हवा की गुणवत्ता को अच्छा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, एमएमयूटी से 8-10 किलोमीटर दूर स्थित गोलघर में हवा की गुणवत्ता (एक्यूआई) अब भी खतरनाक स्तर पर बनी हुई है।
Pollution: गोरखपुर के जिस इलाके में हुआ पानी का छिड़काव, वहां की हवा कुछ सुधरी
औद्योगिक क्षेत्र गीडा की हवा की गुणवत्ता अब भी बेहद खतरनाक, एक्यूआई 342 रहा
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इस क्षेत्र में सोमवार को भी एक्यूआई 342 दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि शहर में लगने वाले जाम और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं की वजह से गोलघर और आसपास की हवा प्रदूषित बनी हुई है। वहीं, जिस इलाके में पानी का छिड़काव किया जा रहा है उस क्षेत्र की हवा थोड़ी सुधरी हुई है।
बता दें कि शहर की हवा की गुणवत्ता दीपावली की रात से ही बिगड़ी हुई है। दिवाली के बाद से एक पखवाड़े तक तो वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खतरनाक स्थिति में थी। इस दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से भी ज्यादा दर्ज किया गया।
इसके बाद नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की ओर से शहर के कुछ इलाकों में पानी का छिड़काव शुरू किया गया तो इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ है। हालांकि प्रदूषण की मात्रा अब भी इतनी है कि उससे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है।
वहीं, औद्योगिक क्षेत्र गीडा की हवा की स्थिति अब भी बेहद खतरनाक बनी हुई है। इसकी वजह कारखाने और डीजल से चलने वाले भार वाहक वाहन बताए जाते हैं। इसके अलावा निर्माण और सड़कों व अन्य रास्तों से उड़ने वाली धूल भी हालात को बदतर बना रही है।
सेंटर पीएम-10 एसओ-2 एनओ-2 एक्यूआई
एमएमएमयूटी 126.57 1.87 5.49 118
गीडा 383.53 40.28 60.79 342
गोलघर 317.58 9.87 25.89 268