कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई जल्द ही इस केस से जुड़े फॉरेंसिक तथ्यों की पड़ताल शुरू करेगी। साथ ही मनीष के बिसरा की जांच कराकर तथ्यात्मक रूप से केस सुलझाने का प्रयास करेगी। अगले सप्ताह इस दिशा में कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
Manish Murder Case: सीबीआई करा सकती है मनीष के बिसरा की जांच, मजबूत साक्ष्य जुटाने की चल रही तैयारी
कानपुर के कारोबारी मनीष हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई
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इसके बाद खबर आई कि मनीष के दोनों दोस्त हरबीर सिंह व प्रदीप सिंह को लखनऊ बुलाया गया है। इस बीच सूत्रों का कहना है कि सीबीआई इस घटना के खुलासा के लिए तथ्य जुटाने में लगी है। इसी कड़ी में बिसरा की जांच कराने की तैयारी है। बिसरा रिपोर्ट से घटना की जांच में मदद मिल सकती है। उल्लेखनीय है कि मनीष के पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखा गया था।
आरोपियों का नार्को टेस्ट भी हो सकता है
इस हाई प्रोफाइल केस की जांच में सीबीआई तथ्यों की पड़ताल में वैज्ञानिक पद्घतियों का प्रयोग अधिक करेगी। माना जा रहा है कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपियों से पूछताछ के अलावा उनका नार्को टेस्ट भी कराया जा सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। इसी सप्ताह मनीष के दोनों दोस्तों से लखनऊ में पूछताछ की जा सकती है।
ये है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की सुबह आठ बजे गोरखपुर अपने दो दोस्तों हरवीर व प्रदीप के साथ घूमने आए थे। तीनों तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में ठहरे थे। 27 सितंबर की रात ही रामगढ़ताल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी रहे अक्षय मिश्रा सहित छह पुलिस वाले आधी रात के बाद होटल में चेकिंग को पहुंच गए थे। कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया।
आरोप है कि पुलिस वालों ने उनकी पिटाई कर दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस की ओर से नशे में गिरने से मौत बताया था मगर बाद में हत्या का केस दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, तब जाकर परिवार के लोग शव लेकर कानपुर रवाना हुए थे।