फेसबुक पर दोस्ती के बाद नजदीकियां बढ़ने पर किसी और से बातचीत करने के संदेह में युवक ने प्रेमिका की हत्या कर दी। आरोपी ने लखनऊ से युवती को बुलाया और अपने गांव के पास उसे मार डाला।
सोशल मीडिया का प्रेम बना मौत का जाल: 'तीसरे' के संदेह में कर दी प्रेमिका की हत्या, फेसबुक से हुई थी दोस्ती
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एसपी ने बताया कि 2018 में फेसबुक के जरिये मारुति नंदन और सरिता की दोस्ती हुई थी। उसके बाद दोनों साथ में वाराणसी में रहने लगे। वाराणसी में युवक ने किराये पर कमरा लिया था। मारुति नंदन ने उसे गोरखपुर लाने का काफी प्रयास किया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद मारुति नंदन ने सरिता को लखनऊ पहुंचा दिया। सरिता ने नर्सिंग का कोर्स किया था। उसे लखनऊ में एक नर्सिंग होम में काम भी मिल गया।
एसपी ने बताया कि मारुति नंदन को संदेह था कि सरिता किसी और से भी बात करती है। उधर, सरिता के घरवालों को जब इसकी जानकारी हुई कि वह मारुति नंदन के साथ रहती है तो उन्होंने बिहार में की गई सरिता की सगाई को तोड़ दी। इस बीच मारुति नंदन गोरखपुर अपने घर आ गया। 30 दिसंबर को उसने सरिता को फोन कर घूमाने के लिए बुलाया। उसकी बातों पर यकीन करते हुए सरिता गोरखपुर आ गई।
उन्होंने बताया कि मारुति नंदन ने उसे ट्रांसपोर्टनगर के पास बाइक से रिसीव किया, फिर घूमने गया। गांव से कुछ दूरी पर ले गया, जहां पर कोहरे की वजह से कुछ साफ नहीं दिख रहा था। वहीं पर दोनों के बीच किसी अन्य से बात करने पर बहस हो गई। इसके बाद मारुति नंदन ने सरिता के चेहरे पर वार किया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी।
ऐसे हुई पहचान और दबोच ली गई आरोपी की गर्दन
30 दिसंबर की देर शाम हत्या के बाद मारुति नंदन फरार हो गया था। 31 दिसंबर को पुलिस को लाश की सूचना मिली। पुलिस को शव के पास से रेलवे का पास मिला। रेलवे के पास पर रामरत्न सिंह और पता चंदौली के मुगलसराय दर्ज था। इसके बाद पुलिस टीम युवती का फोटो लेकर मुगलसराय गई और वहां पर रामरत्न से मुलाकात हो गई। रामरत्न रेलवे कर्मचारी हैं। उन्होंने फोटो की शिनाख्त बेटी सरिता के रूप में की। उन्होंने पुलिस को यह भी बता दिया गया कि गोरखपुर के बेलीपार के मारुति नंदन के साथ बेटी के रिश्ते हैं और वह उसी के साथ रहती है।
मोबाइल फोन बंद होने से परेशान थे परिजन
सरिता का मोबाइल फोन बंद होने की वजह से उसके परिजन परेशान थे। 31 दिसंबर की रात नए साल की बधाई देने के लिए पिता ने फोन किया था, लेकिन उसका फोन नहीं मिला था। परिजनों ने उस नर्सिंग होम से भी संपर्क किया था, जहां पर सरिता काम करती थी। वहां से सरिता के छुट्टी पर होने की जानकारी मिली थी। इसी बीच गोरखपुर पुलिस पिता के पास पहुंच गई थी।
आरोपी ने नदी में फेंक दिया था मोबाइल
आरोपी मारुति नंदन, पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन को पहले बंद किया और फिर राजघाट पुल से नदी में फेंक दिया था। आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद बाइक से घर पहुंचा था। इसके बाद वह मुख्य मार्ग पर आया और एक ऑटो की मदद से राजघाट पुल पहुंच गया। वहां उसने अपना और सरिता का मोबाइल फोन नदी में फेंक दिया। इसके बाद वहीं से उसने लखनऊ के लिए बस पकड़ लिया, लेकिन हाथ में चोट होने की वजह से रास्ते में ही उतर गया था।