देवरिया के बरहज के परसियां भीखम गांव निवासी और प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर रहे सूर्यप्रताप सिंह की हत्या के दूसरे दिन उनके गांव में मातम रहा। परिवार वालों ने लखनऊ में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के अनुसार, महिला के साथ लिव इन रिलेशन में आने के बाद से इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह ने घरवालों और अपनों से दूरी बना ली थी। गांव में सूर्य प्रताप के घर ताला लगा है। पटीदार भी घटना के बाद लखनऊ चले गए हैं।
गांव में चर्चा है कि सूर्य प्रताप ने महिला के संपर्क में आने के बाद से लखनऊ में अपने माता-पिता, रिश्तेदारों और परिचितों से मिलना-जुलना बंद कर दिया था। कहा जा रहा है कि सूर्य प्रताप को झांसे में लेने के बाद महिला की नजर उनके मकान पर थी। जिसको लेकर विवाद भी होता रहता था।
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लिव इन पार्टनर की हत्या के बाद आरोपी महिला और उसकी बेटी को थाने ले जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति की मौत के बाद सूर्य प्रताप से बढ़ी रत्ना की नजदीकियां
सलारगंज स्थित शिवम ग्रीन सिटी में लिवइन में रह रही रत्ना नामक महिला ने इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। परिजनों के अनुसार सूर्य प्रताप और रत्ना की मुलाकात करीब 10 वर्ष पहले हुई। उस वक्त सूर्य की उम्र 22 वर्ष की थी।
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आरोपी महिला रत्ना की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रत्ना के पति राजेंद्र जनगणना विभाग में कर्मचारी थे। वह पत्नी रत्ना व दो बेटियों के साथ जानकीपुरम की आकांक्षा विहार कॉलोनी में रहते थे। वहीं सूर्य प्रताप रत्ना की दोनों बेटियों को ट्यूशन पढ़ाने जाते थे।
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इसी मकान में महिला ने लिव इन पार्टनर की हत्या की। घर में जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच वर्ष पहले रत्ना के पति की बीमारी से हुई थी मौत
सूर्य के पिता नरेंद्र ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले रत्ना के पति की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद रत्ना ने उनके परिवार से मदद मांगी। बीबीडी स्थित मकान किराये पर देने के लिए कहा था। तब रत्ना को मकान किराये पर दे दिया गया था। वहां भी सूर्य प्रताप बच्चियों को पढ़ाने जाते थे।
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मृतक इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रत्ना के साथ रहने लगा था सूर्य प्रताप
इसी दौरान सूर्य प्रताप व रत्ना की नजदीकियां बढ़ गईं। परिवार ने जब रत्ना से संबंध में बारे में सवाल किए तो सूर्य प्रताप ने किसी भी तरह के संबंध से साफ इन्कार किया। शक के आधार पर परिवार ने दोनों के संबंधों का विरोध किया तो सूर्य प्रताप रत्ना के साथ ही रहने लगे। वह अपने घरवालों की बात भी नहीं सुनते थे।