उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां स्थित शिव मंदिर फिर सुर्खियों में आ गया है। यहां फ्रांसीसी विदेशी मेहमान सात माह बाद फिर लौट आए हैं। लॉकडाउन के दौरान नेपाल सीमा सील होने से 22 मार्च को यहां आए विदेशी मेहमान यहां से सितंबर में दिल्ली चले गए थे। लेकिन गांव की माटी से इनका प्रेम इतना प्रगाढ़ हो गया है कि एक बार फिर इधर खिंचे चले आए। भारत के विभिन्न शहरों, पर्यटन स्थल, तीर्थ स्थल का भ्रमण करने के बाद शिव मंदिर परिसर में फ्रांसीसी परिवार रविवार की शाम को पहुंचा। गांव के लोग भी विदेशी मेहमान को अपने बीच पाकर काफी खुश हैं।
तस्वीरें: सात माह बाद फिर लौटे फ्रांसीसी मेहमान, बोले- 'याद आई तो चले आए'
फ्रांसीसी परिवार के मुखिया पैट्रीस पैलेरस व उनकी पत्नी वर्गिनी पैलेरस उनकी दो बेटियां ओफिली पैलेरस व लोला पैलेरस तथा बेटा टाम पैलेरस फ्रांस के टूलूज शहर के रहने वाले हैं। पैट्रीस पैलेरस ने बताया कि भारत के तमाम शहरों एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के बाद गांव आने की इच्छा हुई। यहां लोगों ने लॉकडाउन के दौरान इतना स्नेह दिया की अब तक नहीं भूला। उनकी याद आई तो यहां चले आए।
उन्होंने बताया कि भारत भ्रमण करने आए कुछ फ्रांसीसी पर्यटकों से मुलाकात हुई थी। सभी लोगों की एक साथ हिमांचल से सटे चीन बार्डर से चीन जाने की योजना थी। लेकिन साथियों का वाहन पास नहीं बन पाया। साथ ही मेरे वाहन का कुछ पार्ट्स खराब हो गए। उसे फ्रांस से मंगवाना पड़ा। अब लगवाया जाएगा। साथ ही अन्य साथियों के पास बनने के बाद एक साथ सभी लोग सुविधा के अनुसार तिब्बत या चीन के लिए रवाना होंगे। क्षेत्राधिकारी फरेंदा एके मिश्र ने बताया कि फ्रांसीसी परिवार को आने की सूचना मिली है। उनकी सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। साथ ही उनके आने के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है।
21 सितंबर को दिल्ली के लिए हुए थे रवाना
बीते 21 सितंबर 2020 को कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा स्थित मंदिर से फ्रांसीसी परिवार दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। यहां से जाने के बाद हैदरबाद में कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा के रहने वाले राकेश से मिले। उसने सोशल मीडिया पर उस वक्त फ्रांसीसी परिवार के साथ हैदराबाद के एक होटल में रुकने की तस्वीर शेयर की थी।
जुलाई में निकले थे 24 देशों की यात्रा पर
फ्रांसीसी परिवार जुलाई 2019 को 24 देशों की यात्रा पर निकला। यूरोप, तुर्की, जार्जिया, ओमेनिया, ईरान, दुबई, अमीरात, यूएई, ओमान से पाकिस्तान होकर एक मार्च 2020 को बाघा बार्डर होते हुए भारत पहुंचा। शुरूआत में फ्रांसीसी परिवार भारत के जयपुर, जोधपुर, नई दिल्ली, आगरा भी जा चुका है। लॉकडाउन के बाद से फ्रांसीसी परिवार भारत में ही भ्रमण पर है।