बीते साल नवंबर में कुशीनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। यहां अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हो गया था, जिसमें एक हंसते खेलते परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार को यह नहीं पता था कि उनका यह कोरोबार परिवार के लिए मौत बनकर आएगा। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
मौत के कारोबार में एक ही परिवार के चार लोगों ने गंवाई थी जान, तस्वीरों में देखें शव के उड़ गए थे चिथड़े
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दरअसल, कुशीनगर जिले के निवासी जावेद का पटाखा बनाने का पुश्तैनी धंधा था। उसके पिता अनवर भी पटाखा बनाते थे। उनकी मौत के बाद जावेद भी इसी धंधे में लग गया था। संकरी गली में स्थित अपने मकान में ही इस अवैध कारोबार में लगे जावेद को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि बारूद की ढेर पर बैठकर वह अपने परिवार के लोगों के लिए भी कितना बड़ा संकट खड़ा कर रहा है।
इस विस्फोट में जावेद के अलावा उसकी पत्नी, बेटी व मां की भी मौत हो गई। वहीं जावेद की दो बेटियां आठ वर्षीया आफरीन और चार वर्षीय अमरीन बच तो गई लेकिन इन नन्हीं बच्चियों का अब कोई पालनहार नहीं है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद जावेद का भाई जमशेद दोनों बच्चियों को लेकर कहीं चला गया था।
संकरी गली में था मकान
कप्तानगंज कस्बे के वार्ड नंबर 11 आर्य समाज मंदिर मोहल्ले में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुआ था, विस्फोट से इस घर के अलावा सटे मकान तथा गली के दूसरी तरफ स्थित तीन मकान भी प्रभावित हो गए थे। इन चार घरों के नौ लोग भी इस धमाके में झुलसे थे। वहीं इनके मकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं।