गोरखपुर जिले में बाढ़ का कहर बढ़ गया है। मंगलवार की देर शाम तक 120 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। 40,540 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 6411.462 हेक्टेयर फसल चौपट हो गई है। पानी से घिरे ज्यादातर गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। लिहाजा, 125 नावें लगाकर राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही पीएससी को निगरानी में लगाया गया है।
Flood Alert: गोरखपुर में बाढ़ का कहर बढ़ा, 120 गांवों में घुसा पानी, तस्वीरों में देखें पूरा हाल
सदर तहसील क्षेत्र के 13 गांव बाढ़ग्रस्त हैं। 15 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित है। बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर कैंपियगंज तहसील क्षेत्र में है। इस क्षेत्र के 60 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गोला के 28, खजनी के नौ, सहजनवां के चार, बांसगांव के चार और चौरीचौरा के दो गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।
नगर निगम ने बंद किए नौ रेगुलेटरों के गेट
राप्ती नदी के उफान को देखते हुए नगर निगम के नौ रेगुलेटर बंद कर दिए हैं। यह फैसला एहतियातन लिया गया। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि रेगुलेटर का गेट खोलना खतरनाक हो सकता है। अगर पानी का दबाव बढ़ा तो गेट खोलने के साथ ही पानी शहर की तरफ आ जाएगा। हालांकि, टीपी नगर और हांसूपुर रेगुलेटर को चलाया जा रहा है। इसके जरिए शहर के पानी को नदी में ले जाया जाता है। दूसरी तरफ, सिंचाई विभाग ने नगर निगम प्रबंधन को पत्र लिखकर रेगुलेटरों के गेट को बंद रखने की अपील की है। अफसरों का कहना है कि रेगुलेटर का गेट खोलना खतरनाक हो सकता है।
डीएम ने किया निरीक्षण, बंधों की मजबूती पर जोर
जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने मंगलवार को राप्ती नदी के सिसई व तुर्कवलिया-जसवल घाट का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बंधों की मजबूती बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि राहत-बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। दवा वितरण व टीकाकरण अभियान चलता रहेगा। पशुओं को भी टीके लगेंगे। सभी तहसीलों के कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेंगे। इसके अलावा डीएम ने सरयू नदी पर बने शाहपुर खड़गपुर तटबंध व बसही एवं समहुतापुर ग्राम पंचायत के पास बाढ़ एवं तटबंध की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया।
गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग के करीब पहुंचा बाढ़ का पानी
बहरामपुर गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। ज्यादातर लोग घरों में ताला बंद कर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। पशुओं को बंधों पर पहुंचा दिया गया है। मंझरिया व खिरवनियां गांव भी पानी घुस गया है। रोहिन नदी के उफनाने से गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग के करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। एसबीएम स्कूल के पास तक पानी पहुंचा है। जंगल कौड़िया का रामजानकी मंदिर पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गया है। अब नाव के सहारे ही मंदिर आया-जाया जा सकता है। मौनाभागर गांव के पास राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है।
बैराजों से छोड़े गए पानी से खतरा और बढ़ा
श्रावस्ती बैराज से राप्ती नदी में छोड़ा गया 1.60 लाख क्यूसेक पानी बुधवार तक गोरखपुर आएगा। इससे जलस्तर में और इजाफा होने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग के अफसर भी अलर्ट हैं। इसी तरह गिरिजापुरी बैराज से सरयू नदी में छोड़ा गया 7 लाख क्यूसेक पानी बृहस्पतिवार तक गोरखपुर या फिर देवरिया तक पहुंचेगा। इससे जलस्तर में और बढ़ोतरी का अनुमान है।