बस्ती और गोरखपुर मंडल के जिलों में रविवार को आग कहर बनकर टूटी। एक अनुमान के अनुसार केवल गोरखपुर जिले में ही करीब सौ गांवों में 1200 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई। अपनी आंखों के सामने पकी हुई फसल को जलती देख किसान और उनके घर की महिलाएं रो पड़ीं। कई किसानों की छह माह की मेहनत राख में मिल गई। कितना नुकसान हुआ है यह तो आकलन के बाद ही पता चलेगा, लेकिन आग ने कइयों के सपनों को स्वाहा कर दिया है। फसल में आग लगने की वजह कई जगहों पर शॉर्टसर्किट रही। कुछ जगहों पर रीपर मशीन से निकली चिंगारी से आग लगी। बांसगांव में रीपर मशीन से निकली एक चिंगारी ने एक हजार एकड़ से अधिक गेहूं की फसल को राख कर दिया। आग बुझाने का समुचित उपाय नहीं होने की वजह से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी रही। किसी भी जगह समय पर आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों ने अपने प्रयासों से आग पर काबू पाया। इस कारण अधिक नुकसान हुआ। आग बुझाने में कई युवक झुलस गए। आगजनी की बढ़ती घटनाओं से किसान काफी चिंतित हैं। हर कोई फसल को बचाने और जल्द काटकर घर लाने की जुगत में लगा है।
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आग का कहर: अपनी आंखों के सामने फसल को जलती देख रो पड़े किसान, बोले- 'राख में मिल गई मेहनत'
Mon, 05 Apr 2021 11:49 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 05 Apr 2021 11:49 AM IST
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गेहूं की फसल में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला।
बांसगांव में एक हजार एकड़ गेहूं की फसल जली
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के कछार क्षेत्र में रविवार को रीपर मशीन (भूसा बनाने वाली मशीन) की चिंगारी से भीषण आग लगने से लगभग एक हजार एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। आग बुझाने के दौरान विवेक सिंह ट्रैक्टर की चपेट में आ गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गगहा ब्लॉक की एक छोटी फायर ब्रिगेड की गाड़ी और स्थानीय लोग पेड़ की डाल और बोरे लेकर आग से जूझते रहे। आग बुझाने की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से नाराज लोगों ने बांसगांव चौराहे पर रास्ता जाम कर दिया।
बांसगांव में एक हजार एकड़ गेहूं की फसल जली
- फोटो : अमर उजाला।
इतनी भीषण आग के पीछे ग्रामीण प्रशासनिक लापरवाही मान रहे हैं। उनका कहना है कि आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की मात्र एक गाड़ी पहुंची। आग पहले भुसवल ताल में लगी जो लगभग 10 किलोमीटर की परिधि में फैल गई। बांसगांव ताल की फसल को चपेट में लेते हुए डवरपार की तरफ बढ़ती गई। दोपहर 12:30 बजे आग लगने के बाद शाम चार बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में आक्रोश देखा गया। बांसगांव के जयसिंह अपने ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग बेकाबू हो चुकी थी।
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आग की घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने रास्ता जाम किया।
- फोटो : अमर उजाला।
कस्बे और अन्य गांवों के किसानों में घटना के बाद प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी गई। शाम चार बजे लोगों ने बांसगांव चौराहे पर रास्ता जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से कछार में गेहूं की पसल पकने पर आग लग जाती है, जिससे पूरे गांव की उम्मीदें राख हो जाती हैं। जाम खुलवाने के लिए एडीएम वित्त, एसपी साउथ, एस डी एम बांसगांव पहुंचे। शाम 7 बजे आश्वासन पर जाम खुला। आश्वासन दिया गया कि सभी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बांसगांव के किसान राम प्रताप सिंह ने एसपी साउथ को पत्रक देकर भुसवल गांव के भूसा बनाने वाली मशीन के मालिक पर प्राथमिक दर्ज करने की मांग की।
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आग की घटना के बाद मची अफरा- तफरी।
- फोटो : अमर उजाला।
दो एकड़ गेहूं की फसल जली
बड़हलगंज एवं चिल्लूपार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मरकड़ी गांव के समीप दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग से लगभग दो एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। मौके पर पहुंच कर राजस्व निरीक्षक सुरेश सिंह व हल्का लेखपाल स्वप्निल सिंह ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार की।
बड़हलगंज एवं चिल्लूपार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मरकड़ी गांव के समीप दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग से लगभग दो एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। मौके पर पहुंच कर राजस्व निरीक्षक सुरेश सिंह व हल्का लेखपाल स्वप्निल सिंह ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार की।