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Kavya Cafe: ऐ मेरे रब, मैं साथ-साथ में महक जाऊं...मेरी आवाज़ की खुशबू को हवाएं दे दे
Mon, 16 Jun 2025 03:17 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 16 Jun 2025 03:17 PM IST
सार
डॉ अनिल चौबे ने अपने हंसगुल्लों से श्रोताओं को बांधे रखा। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में पत्नी सोनम का जिक्र करते हुए सोनम बेवफा... पेश कर उन्होंने महफिल लूट ली।
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मर उजाला द्वारा आयोजित काव्य कैफे में कवियों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
दिल ए बीमार सही हो वो दवाएं दे दे, मैं सबपे प्यार लुटाऊं वो दुआएं दे दे.. ऐ मेरे रब, मैं साथ-साथ में महक जाऊं, मेरी आवाज़ की खुशबू को हवाएं दे दे। तू हवा है तो कर ले अपने हवाले मुझको, इससे पहले कि कोई और बहा ले मुझको। आइना बनकर गुजारी है जिंदगी मैंने, टूट जाऊंगा, बिखरने से बचा ले मुझको।
अमर उजाला द्वारा आयोजित काव्य कैफे में कविता पाठ का आनंद लेते लोग
- फोटो : अमर उजाला
अवसर था अमर उजाला की ओर से शनिवार की देर शाम होटल क्लार्क्स ग्रैंड में आयोजित काव्य कैफे का। इसमें देश के नामचीन कवियों डॉ विष्णु सक्सेना, डॉ अनिल चौबे, डॉ भुवन मोहिनी और प्रियांशु गजेंद्र ने श्रोताओं को काव्य रस में गोता लगवाया।
इससे पूर्व, अतिथियों ऐश्प्रा ग्रुप के निदेशक अतुल सराफ, पं. नरेंद्र उपाध्याय ज्योतिर्विद, डीपी मोटर्स के निदेशक नितिन मातनहेलिया, आरपीएम एकेडमी के चेयरमैन अजय शाही, हेल्थ प्लस डायग्नोस्टिक के डॉ अमित गोयल, प्लेटिनम डायग्नोस्टिक के डॉ रोशन कुमार झा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर काव्य कैफे का शुभारंभ किया।
इससे पूर्व, अतिथियों ऐश्प्रा ग्रुप के निदेशक अतुल सराफ, पं. नरेंद्र उपाध्याय ज्योतिर्विद, डीपी मोटर्स के निदेशक नितिन मातनहेलिया, आरपीएम एकेडमी के चेयरमैन अजय शाही, हेल्थ प्लस डायग्नोस्टिक के डॉ अमित गोयल, प्लेटिनम डायग्नोस्टिक के डॉ रोशन कुमार झा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर काव्य कैफे का शुभारंभ किया।
अमर उजाला द्वारा आयोजित काव्य कैफे में कविता पाठ का आनंद लेते लोग
- फोटो : अमर उजाला
डॉ भुवन मोहिनी की सरस्वती वंदना के साथ इसकी शुरुआत हुई। इसके बाद हास्य-व्यंग्य, श्रृंगार व मोहब्बत के तरानों से भरे गीतों का दौर शुरू हुआ।
संचालन नवीन पांडेय ने किया। इस मौके पर सराफा मंडल अध्यक्ष गणेश वर्मा, महामंत्री हरिद्वार वर्मा, छात्र नेता राजीव ऋषि त्रिपाठी, भाजपा महानगर महामंत्री गौरव त्रिपाठी 'वरुण', अधिवक्ता गौतम यादव, प्रिंस सिंह, समाजसेवी अभिषेक सिंह व करुणेश पांडेय समेत शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
संचालन नवीन पांडेय ने किया। इस मौके पर सराफा मंडल अध्यक्ष गणेश वर्मा, महामंत्री हरिद्वार वर्मा, छात्र नेता राजीव ऋषि त्रिपाठी, भाजपा महानगर महामंत्री गौरव त्रिपाठी 'वरुण', अधिवक्ता गौतम यादव, प्रिंस सिंह, समाजसेवी अभिषेक सिंह व करुणेश पांडेय समेत शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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डॉ भुवन मोहिनी
- फोटो : अमर उजाला
मिलने बाहर गए तो खुद की खड़ी लुगाई
डॉ भुवन मोहिनी ने 'सोचना क्या प्यार कर, दिल का ऐतबार कर, चलने दे मोहब्बतों का यूं ही सिलसिला...', 'नयन ने नयन से क्या कह दिया, हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए', ''एक मीरा थी प्यार की खातिर पीया जहर का प्याला', 'रात-रात भर जाग-जाग कर लड़की एक पटाई, मिलने बाहर गए तो खुद की खड़ी लुगाई', 'डीपी जिसकी देख-देख कर होते रहे निहाल...', 'आजादी के बाद हुआ है पहली बार अजूबा, योगी से महबूब पिटे और मोदी से महबूबा', 'एक अधूरी कहानी तो मुझमें भी है, धड़के दिल वो जवानी तो मुझमें भी है', ''मैं चुप वो चुप दोनों ही चुप, चूड़ी बोली रातभर', 'दुपट्टा हो जब सिर पर तो दुशासन क्या बिगाड़ेगा', आदि रचनाओं के जरिये माहौल बना दिया।
डॉ भुवन मोहिनी ने 'सोचना क्या प्यार कर, दिल का ऐतबार कर, चलने दे मोहब्बतों का यूं ही सिलसिला...', 'नयन ने नयन से क्या कह दिया, हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए', ''एक मीरा थी प्यार की खातिर पीया जहर का प्याला', 'रात-रात भर जाग-जाग कर लड़की एक पटाई, मिलने बाहर गए तो खुद की खड़ी लुगाई', 'डीपी जिसकी देख-देख कर होते रहे निहाल...', 'आजादी के बाद हुआ है पहली बार अजूबा, योगी से महबूब पिटे और मोदी से महबूबा', 'एक अधूरी कहानी तो मुझमें भी है, धड़के दिल वो जवानी तो मुझमें भी है', ''मैं चुप वो चुप दोनों ही चुप, चूड़ी बोली रातभर', 'दुपट्टा हो जब सिर पर तो दुशासन क्या बिगाड़ेगा', आदि रचनाओं के जरिये माहौल बना दिया।
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अनिल चौबे
- फोटो : अमर उजाला
सोनम बेवफा... से लूट ली महफिल
डॉ अनिल चौबे ने अपने हंसगुल्लों से श्रोताओं को बांधे रखा। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में पत्नी सोनम का जिक्र करते हुए सोनम बेवफा... पेश कर उन्होंने महफिल लूट ली। डॉ अनिल ने लोगों की आम जिंदगी से जुड़े किस्सों को करीने से प्रस्तुत किया।
उनकी कविताओं ''सारा ब्यूटी पार्लर का कमाल है, जितना दिखता है, उतना जवान थोड़े हैं', 'गोरी-गोरी-गोरी पगडंडी से जो गुजरी तो हरा-भरा खेत खड़ा ख्वाब देखने लगा...' को खूब पसंद किया गया। 'नया-नया टीवी जब घर में खरीदा गया, हाथ में रिमोट लेकर पसर गये बाबूजी', से अस्सी-नब्बे के दौर की यादें ताजा कर दीं।
डॉ अनिल चौबे ने अपने हंसगुल्लों से श्रोताओं को बांधे रखा। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में पत्नी सोनम का जिक्र करते हुए सोनम बेवफा... पेश कर उन्होंने महफिल लूट ली। डॉ अनिल ने लोगों की आम जिंदगी से जुड़े किस्सों को करीने से प्रस्तुत किया।
उनकी कविताओं ''सारा ब्यूटी पार्लर का कमाल है, जितना दिखता है, उतना जवान थोड़े हैं', 'गोरी-गोरी-गोरी पगडंडी से जो गुजरी तो हरा-भरा खेत खड़ा ख्वाब देखने लगा...' को खूब पसंद किया गया। 'नया-नया टीवी जब घर में खरीदा गया, हाथ में रिमोट लेकर पसर गये बाबूजी', से अस्सी-नब्बे के दौर की यादें ताजा कर दीं।