जरा सोचिए, छह-आठ साल पहले तक इस शहर की सूरत कैसी थी। उबड़-खाबड़ सड़कें और हर तरफ जाम, लेकिन आज चौड़ी सड़कें, ऊंची इमारतें, मॉल-कांप्लेक्स, जगह-जगह फ्लाईओवर और कल-कारखाने...। फर्राटे से वाहन दौड़ते हैं और शहर के चौराहे भी सुंदर और आकर्षक हो गए हैं। विस्तार लेते शहर में लंबे समय बाद लौटने वाले अपने घर को जाने वाले चौड़े रास्तों को पहचान भी नहीं पाते हैं। शायद इसीलिए हर किसी की जुबान पर एक ही बात सुनाई देने लगी है..गोरखपुर बदल रहा है। यहां दिल्ली-एनसीआर का अक्स झलकने लगा है। विदेशों में ही नहीं दिल्ली-नोएडा और दूर-दराज रहने वाले गोरक्षनगरी वासी भी पल-पल अपनों से पूछते हैं... और क्या-क्या बदल रहा है।
बदल रहा है गोरखपुर: कभी बदहाल थी अपनी गोरक्षनगरी, अब चल पड़ी है दिल्ली-एनसीआर की राह पर
कुछ ऐसे ही विकास के पथ पर शहर बढ़ रहा है। रामगढ़ताल की सुंदरता अब लोगों को बरबस आकर्षित करती है। पुराने शहरवासी तो जानते ही हैं कि कभी मोहद्दीपुर से कुनराघाट और असुरन चौक से मेडिकल कॉलेज रोड पर चलना दूभर था। सड़कें पतली थीं और वाहन स्टैंड होने से लंबा जाम लगता था। अब यहां सड़कें फोरलेन हैं और चौराहे भी विकसित हो गए हैं। बुधवार की दोपहर 12.42 बजे असुरन चौराहे की सुंदरीकरण का काम चल रहा था। यहां गोलंबर के निर्माण कार्य के लिए पिलर बनाए जा रहे हैं। काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि 15 दिन में यहां का काम पूरा कराया जाना है। इस चौराहे को चौड़ा करके काफी अलग बनाया जा रहा है। यहां फूल-पौधे लगाए जाएंगे। चौराहे पर आने वाले लोगों को हरियाली नजर आएगी।
चौराहे के नजदीक ही असुरन से पादरी बाजार रोड पर राजेश कुमार गुप्ता की रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। उन्होंने बताया कि चौराहा अब चौड़ा कर दिया गया है। इस बदलाव से मेडिकल कॉलेज रोड पर आवागमन सुगम हो गया। फोरलेन रोड का चौड़ीकरण होने के बाद जाम से निजात मिली है। इस रोड के बनने से शहर का विस्तार गुलरिहा बाजार तक हो गया है। किराना का सामान लेने आए दिनेश ने बताया कि चार साल पहले जब यह सड़क पतली थी, आने-जाने में परेशानी होती थी। अब मेडिकल कॉलेज तक जाने में महज 10 मिनट का समय लगता है। इससे एक मेट्रो सिटी का अनुभव नहीं होता था। अब ऐसा लगता है कि हम लोग किसी दिल्ली-एनसीआर में हैं।
एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन जाना हुआ आसान, मन मोहती है खूबसूरती
एयरपोर्ट से लेकर मोहद्दीपुर, विश्वविद्यालय, रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क अब फोरलेन बन गई है। इससे एयरपोर्ट से होकर रेलवे स्टेशन तक जाने में आसानी हो गई है। सड़क के किनारे दीवारों पर बनी खूबरसूरत पेंटिंग भी लुभाती है। मोहद्दीपुर चौराहे से विश्वविद्यालय चौराहे तक डिवाइडर पर गमलों में लगे पौधे आकर्षित करते हैं। नंदानगर अंडरपास पार करते ही एम्स की भव्यता नजर आने लगती है। इससे यहां से गुजरने वालों का ध्यान बरबस ही खींच जाता है। कूनराघाट में कपड़े की दुकान चलाने वाले गणेश ने बताया कि हम लोगों ने कभी कल्पना नहीं थी कि शहर इतना बदल जाएगा।
मोहद्दीपुर से पैडलेगंज तक राह हुई आसान, सिक्सलेन से बढ़ेगी विकास की गाड़ी
मोहद्दीपुर से पैडलेगंज तक फोरलेन सड़क बनी है। पहले यह सड़क भी टूलेन हुआ करती थी। करीब पांच साल पहले तक इस सड़क पर बहुत जाम लगता था। लेकिन आज फर्राटा से लोग आते-जाते हैं। यहां से रामगढ़ताल जाने वाले लोग आसानी से पहुंच जाते हैं। पैडलेगंज से टीपीनगर तक सड़क फोरलेन बनी थी। इसे चौड़ा करके अब सिक्सलेन बनाया जा रहा है। इससे लोगों को आवागमन में पहले से ज्यादा सहूलियत मिल जाएगी।