गोरखपुर शहर में हर रोज लगने वाले जाम की दुश्वारियों से सोमवार को जिले के दो आला अधिकारी भी दो चार हुए। डीएम जाम में ऐसे फंसे कि पांच मिनट का सफर 25 मिनट में पूरा किए। इस बीच उनकी स्कॉर्ट में तैनात सुरक्षाकर्मी एक किमी तक पैदल चलते रहे। वहीं, एडीजी जोन अखिल कुमार को तो पैदल ही गंतव्य तक जाना पड़ा। इसी तरह हजारों स्कूली बच्चे एक घंटे की देरी से घर पहुंचे। इस बीच बच्चे भूख प्यास से तो अभिभावक चिंता में परेशान रहे।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को दोपहर दो बजे डीएम विजय किरन आनंद कलेक्ट्रेट से कैंप कार्यालय के लिए निकले ही थे कि उनकी गाड़ी जाम में फंस गई। आगे चल रही स्कॉर्ट में बैठे सुरक्षाकर्मी गाड़ी से उतरकर जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। लगातार बज रहे हूटर के बीच चौराहों पर तैनात पुलिस और यातायात सिपाहियों ने काफी कोशिश की तब जाकर गाड़ी के पहिए रेंगने लगे।
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गोरखपुर में जाम।
- फोटो : अमर उजाला।
शास्त्री चौक से लेकर आंबेडकर चौराहा, यूनिवर्सिटी प्रशासनिक भवन होते हुए आरटीओ तिराहा तक डीएम की गाड़ी जाम में रेंगती हुई ही चली। वहीं, एडीजी जोन अखिल कुमार भी जाम में फंस गए। पुलिसकर्मियों के काफी मशक्कत के बाद भी जाम नहीं खुला तो एडीजी जोन गाड़ी से उतरे और पैदल ही मंजिल की तरफ बढ़ चले।
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गोरखपुर में जाम।
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, सोमवार को शहर में जाम की जबरदस्त समस्या रही। गोलघर व आसपास के इलाकों में घंटों जाम लगा रहा। शहरवासी, स्कूली बच्चे व उनके माता-पिता जाम में फंसकर सिस्टम को कोसते रहे। डीएम और एडीजी भी जाम में फंसे रहे। डीएम के स्कॉर्ट की टीम गाड़ी के आगे-आगे करीब एक किलोमीटर तक दौड़ती रही। जो सफर पांच मिनट में पूरा हो जाता है, वह करीब 25 मिनट में पूरा हो सका। डीएम की गाड़ी तो किसी तरह मंजिल तक पहुंच गई, लेकिन ऑटो व बसों से जाने वाले स्कूली बच्चे एक से डेढ़ घंटे तक देरी से घर पहुंचे। इतनी देर तक अभिभावक परेशान रहे।
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गोरखपुर में जाम।
- फोटो : अमर उजाला।
रुस्तमपुर के अशोक कुमार का बच्चा एचपी स्कूल में कक्षा छठीं में पढ़ता है। 1.20 पर स्कूल की छुट्टी होती है। प्राय: ऑटो से 2.15 तक बच्चा घर पहुंच जाता है। सोमवार को जब तीन बज गए तो ऑफिस में उनके पास पत्नी का फोन पहुंचा। हैरान-परेशान उन्होंने बच्चे के नहीं पहुंचने की जानकारी दी तो वे भी सकते में आ गए। ऑटो वाले को फोन मिलाया तो उसने बताया कि शास्त्री चौक के पास जाम में फंसा है। बच्चे से बात भी कराई तब जाकर अशोक ने चैन की सांस ली।
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गोरखपुर में जाम।
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रास्ता बंद कर दिया, इंडिकेटर तक नहीं लगाया
आंबेडकर चौराहे के पास हरिओम नगर तक जाने वाली सड़क के मुहाने पर रविवार देर शाम नाला निर्माण के लिए सड़क खोद दी गई। इससे पूरा रास्ता बंद हो गया। जानकारी नहीं होने की वजह से मौके पर पहुंचकर लोगों को दूसरा रूट पकड़ना पड़ा। कहीं पर भी सड़क के खोदे जाने का इंडीकेटर (संकेतक) नहीं लगाया गया। यही हाल फिराक गोरखपुरी चौराहा से रुस्तमपुर जाने वाले मार्ग का भी रहा। वहां भी निर्माण कार्य चल रहा है, मगर कोई संकेतक नहीं लगाया गया है।