लॉकडाउन 3.0: ऑरेंज जोन में होने के बाद भी गोरखपुर में नहीं मिलेगी कोई छूट, जानिए क्या है वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्होंने अपील की है कि हर कोई धैर्य का परिचय देते हुए घरों में रहे। कोरोना के संक्रमण से बचने का यही सबसे कारगर उपाय है। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देश पर उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
डीएम, एसएसपी ने आजमगढ़-मऊ सीमा पर जांची चौकसी
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन व एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने शनिवार को जिले के बड़हलगंज से सटी आजमगढ़-मऊ सीमा के पास चौकसी जांची। उन्होंने उरूवां और गोला के भी विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि बड़हलगंज में बाहर से आने वाली सभी एंबुलेंस की विशेष जांच सुनिश्चित करने के बाद ही आगे भेजी जाए।
मरीज बहुत गंभीर नहीं है तो एंबुलेंस सीधे पूर्वांचल डेंटल कॉलेज में भेजी जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़कों पर बेवजह घूम रहे चार पहिया और दो पहिया वाहन चालकों के चालान भी किए।।
उद्योग, सरकारी परियोजनाओं को मिलेगी गति
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि 20 अप्रैल के बाद कई उद्योग और सभी बड़ी परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी जरूरी सावधानियां अपनाकर जल्द ही बाकी उद्योग और काम भी शुरू करा दिए जाएंगे। बाहर से आने वाले मजदूरों को क्वारंटीन किया जा रहा है।
सभी सेंटर पर डिग्निटी किट वितरित की जा रही हैं। क्वारंटीन किए गए सभी लोगों के भोजन के इंतजाम के साथ ही क्वारंटीन पीरियड पूरा होने के बाद घर जाने पर उन्हें खाद्य सामग्री के पैकेट भी दिए जाएंगे।
डीएम ने बताया कि अभी तक 30 हजार से अधिक लोग दूसरे प्रांतों से आ चुके हैं। इतने ही लोग करीब और आने की उम्मीद है। सभी को जिले में ही रोजगार मुहैया कराने के लिए योजना बनाई जा रही है। मनरेगा से लेकर सरकारी योजनाओं के निर्माण और गीडा के उद्योगों में उन्हें काम दिलाया जाएगा ताकि कोई बेरोजगारी के संकट से न जूझे। उन्होंने बताया कि तमाम मजदूरों को रोजगार दिलाया भी जा चुका है।