फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: भारत के सबसे चमत्कारी बाबा की कहानी, इनके दरबार में बड़े-बड़े नेता होते थे नतमस्तक

Wed, 09 Jun 2021 06:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Wed, 09 Jun 2021 06:29 PM IST
devraha baba special story facts and biography indira gandhi and rajiv gandhi
देवरहा बाबा - फोटो : अमर उजाला।

भारत को ऋषि-मुनियों का देश कहा जाता है। ऐसे में हम आपको एक ऐसे दिव्य संत के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी कहानी सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। इनका नाम देवरहा बाबा है। देवरहा बाबा जाने माने सिद्ध पुरुष और एक कर्मठ योगी थे। देवरहा बाबा की उम्र के बारे में लोगों के बीच ऐसी मान्यता थी कि बाबा करीब 500 सालों तक जिंदा थे। हालांकि यह स्पष्ट रूप से यह कोई भी नहीं जानता था कि बाबा का जन्म कब हुआ। 19 जून 1990 के दिन अपना शरीर छोड़ने वाले देवरहा बाबा की चमत्कारी शक्ति को लेकर तरह-तरह की बातें कही-सुनी जाती हैं।



ऐसा माना जाता है कि देवरहा बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुआ था। बाबा लोगों के मन की बातें बिना बताए ही जान लेते थे। देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेने के लिए आमजन से लेकर नेता, उद्योगपति, फिल्मी सितारे और बड़े-बड़े अधिकारी उनके पास आते थे। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें देवरहा बाबा के चमत्कारों की कहानी...

 

devraha baba special story facts and biography indira gandhi and rajiv gandhi
देवरहा बाबा - फोटो : अमर उजाला।

कहा जाता है कि देवरहा बाबा कभी भी एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए किसी भी तरह की गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया और न ही किसी ने सवारी से कहीं उन्हें जाते हुए देखा। भक्तों का तो ऐसा भी मनाना था कि बाबा पानी पर चलते थे। वह हर साल माघ मेले के समय प्रयाग आते थे। वहीं यमुना किनारे वृंदावन में वह आधे घंटे तक पानी में ही बिना सांस लिए रह लेते थे। देवरहा बाबा हमेशा एक ऊंचे लकड़ी से तैयार मचान पर बैठ कर लोगों को आशीर्वाद और प्रसाद दिया करते थे। अपने पास आने वाले सभी लोगों से बहुत प्यार से मिलते, प्रसाद और आशीर्वाद देकर विदा करते। ऐसा माना जाता था कि मचान पर कोई प्रसाद नहीं रखा होता था फिर भी बाबा लोगों के हाथों में प्रसाद देते थे।
 

devraha baba special story facts and biography indira gandhi and rajiv gandhi
देवरहा बाबा - फोटो : अमर उजाला।

देवरहा बाबा न सिर्फ मनुष्यों के मन की बात जानते थे बल्कि वे जानवरों की भाषा और बोली को भी समझ जाते थे। वे जंगली जानवरों को अपने वश में कर लेते थे। देश में आपातकाल के बाद इंदिरा गांधी चुनाव हार गईं। तब इंदिरा गांधी देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेने गईं। बाबा ने उन्हें हाथ उठाकर पंजे से आशीर्वाद दिया। वहां से लौटने के बाद इंदिरा जी ने कांग्रेस का चुनाव चिह्न हाथ का पंजा ही तय किया। इसी चिह्न पर 1980 में इंदिरा जी के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत प्राप्त किया और वे देश की प्रधानमंत्री बनीं।

 

विज्ञापन
devraha baba special story facts and biography indira gandhi and rajiv gandhi
देवरहा बाबा - फोटो : अमर उजाला।

बताया जाता है कि एक बार देवरहा बाबा से मिलने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आना था। आला अफसरों ने हैलीपैड बनाने के लिए वहां लगे एक बबूल के पेड़ की डाल काटने के निर्देश दिए। पता लगते ही बाबा ने एक बड़े अफसर को बुलाया और पूछा कि पेड़ क्यों काटना चाहते हो? अफसर ने कहा, 'प्रधानमंत्री आ रहे हैं, इसलिए जरूरी है।' बाबा बोले, 'तुम यहां प्रधानमंत्री को लाओगे, प्रशंसा पाओगे, प्रधानमंत्री का नाम भी होगा। लेकिन दंड तो बेचारे पेड़ को भुगतना पड़ेगा। वह इस बारे में पूछेगा, तो क्या जवाब दूंगा? नहीं! यह पेड़ नहीं काटा जाएगा।' अफसरों ने अपनी मजबूरी बताई पर बाबा जरा भी राजी नहीं हुए। उनका कहना था कि 'यह पेड़ होगा तुम्हारी निगाह में, मेरा तो साथी है, पेड़ नहीं कट सकता।' बाबा ने तसल्ली दी और कहा कि घबराओ मत, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम टल जाएगा। दो घंटे बाद ही प्रधानमंत्री कार्यालय से रेडियोग्राम आ गया कि प्रोग्राम स्थगित हो गया है।

 

devraha baba special story facts and biography indira gandhi and rajiv gandhi
देवरहा बाबा - फोटो : अमर उजाला।

सन् 1911 में जॉर्ज पंचम भारत आए और बाबा के आश्रम पहुंचे। उन्होंने बाबा के साथ क्या बात की, यह उनके शिष्यों ने कभी भी जगजाहिर नहीं की। चार खंभों पर टिका मचान ही उनका महल था, जहां नीचे से ही लोग उनके दर्शन करते थे। देवरिया जिले के मइल गांव में वह साल में आठ महीना बिताते थे। बाबा के दर्शन के लिए मईल आश्रम पर 1911 में जार्ज पंचम दर्शन करने के लिए भारत आए थे। देश के महान विभूति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मदनमोहन मालवीय, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, मुलायम सिंह यादव, वीरबहादुर सिंह, विंदेश्वरी दुबे, जगन्नाथ मिश्र आदि नेताओं सहित प्रशासनिक अधिकारी बाबा का आशीर्वाद लेते थे।

 

अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed