गोरखपुर जिले में अपराध पर अंकुश लगाने की दलीलें और कवायद बदमाशों के आगे बौनी पड़ गई हैं। बेखौफ बदमाशों ने पांच दिन में ही हत्या की छह घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस के इकबाल को खुली चुनौती दी है। हर दिन एक लाश गिरी है। पुलिस के आला अफसर कानून-व्यवस्था में सुधार का आदेश कागजों में जारी कर रहे हैं लेकिन अपराध पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं।
अपराधी बेखौफ: पांच दिन में छह हत्याओं से दहला गोरखपुर, हर रोज गिर रही लाश
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बदमाश एक के बाद एक वारदात को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब बदमाशों पर शिकंजा कसने का दम भरा जा रहा है। आला अफसर पुलिसिया कार्यप्रणाली में सुधार की बात कर रहे हैं। घटना के बाद मौके पर भी पहुंच रहे हैं, फिर भी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।
गगहा क्षेत्र में अपराधियों के हौसले सबसे ज्यादा बुलंद हैं। 21 दिन में ही इस क्षेत्र में तीसरी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है। इससे पहले पूर्व बसपा नेता रितेश मौर्य की गोली मारकर हत्या की गई थी। रितेश हत्याकांड का पर्दाफाश अभी तक नहीं हो सका है। अब दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर बदमाशों ने पुलिस की चौकसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और व्यापारी शंभू मौर्य व उनके सहयोग संजय पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी। यह क्षेत्र चहल-पहल वाला है।
पिछले पांच दिन में हुई वारदात
25 मार्च: बेलीपार इलाके में डेढ़ साल के बच्चे अनिकेत हत्या। इस मामले में मासूम की मां को गिरफ्तार करकेे जेल भेजा गया।
27 मार्च: कैंपियरगंज में सरवन यादव की गला कसकर हत्या। रेलवे ट्रैक किनारे मिला शव।
28 मार्च: गुलरिहा इलाके के बनगाई जंगल में अजय यादव की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली।
30 मार्च: खजनी के भीटी खोरिया में उमेश की हत्या।
31 मार्च: गगहा इलाके में शंभू मौर्य व उनके सहयोगी की गोली मारकर हत्या।
अगस्त 2020: गगहा के पोखरी गांव में अरविंद दुबे की पत्नी हेमलता और उनके बेटे हर्ष की जमीन विवाद में हत्या की गई थी।
24 मई 2020: झंगहा इलाके में गोर्रा नदी के किनारे चचेरे भाई दिवाकर और कृष्ण की गोली मारकर हत्या।
4 अगस्त 2020: गुलरिहा में रीमा और उसके प्रेमी अनरजीत की फावड़े से काटकर हत्या।
16 अक्तूबर 2020: शाहपुर के रामजानकीनगर में रिटायर रेलकर्मी वीरेंद्र सिंह की पत्नी चंदा और उनके नाती मैतिक की हत्या
20 जनवरी 2016 : शाहपुर इलाके में ओमप्रकाश यादव और उनके बेटे ओम हत्या की गई थी।
2016 : कोतवाली इलाके के विंध्वासिनी नगर में घर में ही पूर्वोत्तर रेलवे के रिटायर डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी तूलिका की गला रेतकर हत्या हुई थी।
2016: झंगहा इलाके में रिटायर दरोगा के भाई बलवंत और उनके बेटे कौशल की गोली मारकर हत्या की गई थी।
2018: झंगहा के सुगहा में रिटायर दरोगा जयहिंद और उनके बेटे नागेंद्र की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में नामजद इनामी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।