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निर्भया के दोषी पवन की फांसी से पहले बोले गांववाले, 'जब तक जिंदा है, पूरा गांव शर्मिंदा है'
दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में निर्भया के साथ खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले दरिंदों को तीन दिन बाद फांसी पर चढ़ाया जाना है। इन दरिंदों में एक शख्स गोरखपुर जोन के बस्ती जिले का पवन गुप्ता उर्फ कालू भी शामिल है। 16 दिसंबर 2012 को जब चलती बस में छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ, तब पवन अपने दोस्तों के साथ उसी बस में था। उसकी हरकत पर आज भी गांव के लोगों को यकीन नहीं होता। इसका जिक्र होते ही उनका सिर शर्म से झुक जाता है। पवन की मौत की घड़ी नजदीक आते ही उसके गांववाले एक सुर में बोले कि जब तक पवन जिंदा है, पूरा गांव शर्मिंदा है।
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निर्भया केस
- फोटो : अमर उजाला
पवन गुप्ता के गांववाले कोर्ट के फैसले से थोड़े मायूस हैं। जगन्नाथपुर गांव के प्रधान पति संजय कुमार कहते हैं कि जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था लेकिन हमारे लिए तो पवन पहले ही मर गया था। पवन का अपराध माफी योग्य नहीं है उसने जो किया है वो शर्मनाक है। निर्भया कांड की जब भी बात होती है तो पूरे गांव का सिर शर्म से झुक जाता है।
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निर्भया केस: निर्भया का दोषी पवन गुप्ता का महादेवा में बना घर।
- फोटो : अमर उजाला।
पवन के पड़ोस के घरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। उसके पड़ोसी जनार्दन गोस्वामी ने कहा कि यह घटना क्षेत्र के लिए बड़ी दुखद है। फांसी की सूचना से पूरा गांव सहमा हुआ है। निर्भया के साथ अन्याय हुआ है और उसकी सजा मौत से कम नहीं हो सकती है। इस कांड के बाद गांव का कोई भी सदस्य अपना सिर ऊपर नहीं कर पाया है।
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निर्भया केस
- फोटो : अमर उजाला।
निर्भया कांड का अभियुक्त पवन गुप्ता बस्ती जिले के जगन्नाथपुर का निवासी है। उसके परिवार के लोग अब दिल्ली के आरकेपुरम रविदास कैंप में रहते हैं, लेकिन यहां के लोग इन दिनों फांसी का दिन नजदीक आते ही सहम से गए हैं। दो भाई व दो बहन में सबसे बड़ा पवन दुकानदारी के अलावा ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा था। पिता ने यहां लालगंज थाने के महादेवा चौराहे के पास गांव में भी जमीन ली थी और उस पर मकान बनवाना शुरू किया था, मगर 16 दिसंबर 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद से काम ठप हो गया। मौजूदा समय वह खंडहर जैसा दिखता है।
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निर्भया केस
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि निर्भया के चारों गुनहगारों अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता की फांसी की चौथी तिथि घोषित कर दी गई है। 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे उन्हें फांसी पर लटकाया जाएगा।
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