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कोरोना से जंग: टीके की एक खुराक से ही दंपती ने दी कोरोना को मात, बोले- इन पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक है वैक्सीन
Sat, 26 Jun 2021 11:42 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Jun 2021 11:42 AM IST
सार
मोहद्दीपुर के रहने वाले दंपती ने शुगर, ब्लड प्रेशर और अस्थमा के साथ दी कोरोना को मात। बोले- शुगर और ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए भी टीका जीवन रक्षक।
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अतुल व सुकीर्ति अस्थमा वैक्सीन की एक डोज लगवाने के बाद संक्रमित हो गए थे।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कोविड टीके की एक खुराक लेकर ही गोरखपुर शहर के दंपति ने कोरोना से जंग जीत ली। मोहद्दीपुर की रहने वाली 54 वर्षीय सुकीर्ति अस्थाना शुगर और ब्लड प्रेशर और उनके 62 वर्षीय पति अतुल अस्थमा से पीड़ित हैं। अब दोनों लोग कोरोना से पूरी तरह से स्वस्थ हैं। दंपति ने अपील की है कि जो लोग पात्र हैं, वे टीका जरूर लगवाएं।
सुकीर्ति ने बताया कि उनके पति ने मार्च में ही टीके की पहली डोज ली थी, जबकि अप्रैल की शुरूआत में मैंने टीका लगवाया था। पति के टीके की दूसरी डोज का समय आने से पहले ही बुखार हुआ। इस पर कोरोना प्रोटोकॉल से जुड़ीं दवाएं, पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर का इंतजाम किया। इस बीच अप्रैल में टीके की पहली डोज लेने के थोड़े दिन बाद ही उन्हें भी कोविड के लक्षण आने लगे।
जांच में दंपति में कोविड की पुष्टि हुई। इसके बाद अलग-अलग कमरों में खुद को आइसोलेट कर लिया। बेटे अक्षय ने देखभाल शुरू की। सुकीर्ति बताती हैं कि अस्थमा की वजह से पति की चिंता लगी रहती थी, लेकिन टीके की पहली डोज के कारण आत्मविश्वास भी बढ़ा हुआ था।
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इसका नतीजा यह रहा कि हम लोग ठीक हो गए, लेकिन इस बीच बेटा भी कोविड पॉजिटिव हो गया। अब वह भी ठीक हो गया है। दंपति का मानना है कि टीके ने उनके ठीक होने में अहम भूमिका निभाई। इसलिए उनका कहना है कि सभी को टीका अवश्य लगवा लेना चाहिए।
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सुकीर्ति ने बताया कि उनके पति ने मार्च में ही टीके की पहली डोज ली थी, जबकि अप्रैल की शुरूआत में मैंने टीका लगवाया था। पति के टीके की दूसरी डोज का समय आने से पहले ही बुखार हुआ। इस पर कोरोना प्रोटोकॉल से जुड़ीं दवाएं, पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर का इंतजाम किया। इस बीच अप्रैल में टीके की पहली डोज लेने के थोड़े दिन बाद ही उन्हें भी कोविड के लक्षण आने लगे।
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जांच में दंपति में कोविड की पुष्टि हुई। इसके बाद अलग-अलग कमरों में खुद को आइसोलेट कर लिया। बेटे अक्षय ने देखभाल शुरू की। सुकीर्ति बताती हैं कि अस्थमा की वजह से पति की चिंता लगी रहती थी, लेकिन टीके की पहली डोज के कारण आत्मविश्वास भी बढ़ा हुआ था।
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इसका नतीजा यह रहा कि हम लोग ठीक हो गए, लेकिन इस बीच बेटा भी कोविड पॉजिटिव हो गया। अब वह भी ठीक हो गया है। दंपति का मानना है कि टीके ने उनके ठीक होने में अहम भूमिका निभाई। इसलिए उनका कहना है कि सभी को टीका अवश्य लगवा लेना चाहिए।