उत्तर प्रदेश में कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारी में शासन जुट गया है। इस संबंध में शासन की ओर से प्रदेश के सभी जिलों से माइक्रो प्लान मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग से वैक्सीन की अनुमानित आवश्यकता, वैक्सीन को सुरक्षित रखने और विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी गई है। विभाग को 15 दिसंबर तक रिपोर्ट भेजनी है। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में रूबेला अभियान की तर्ज पर वैक्सीन मंगाने की तैयारी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण के मामले कुछ हद तक कम हुए हैं, लेकिन मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। साथ ही संक्रमित मरीजों की मौत भी हो रही है। बताया जा रहा है कि अब तक मिले मरीजों के हिसाब से गोरखपुर और बस्ती मंडल में सबसे ज्यादा वैक्सीन की जरूरत गोरखपुर जिले को होगी।
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सांकेतिक तस्वीर।
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ऐसे में विभाग आबादी और संक्रमित व्यक्तियों के हिसाब से वैक्सीन की मांग करेगा। केंद्र के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने जिलों के सीएमओ को पत्र भेजकर वैक्सीन के रखरखाव, कोल्ड चेन, वितरण और वैक्सीन को लगाने से संबंधित जानकारी मांगी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि अब तक देश में कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आई है। आईसीएमआर और भारत बायोटेक की ओर से कोरोना के लिए कोवैक्सीन का ट्रायल देश भर में चल रहा है। दो चरणों का परीक्षण पूरा हो चुका है। तीसरे चरण के ट्रायल के लिए देश के 12 बड़े संस्थानों का चयन हुआ है। इनमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।
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सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी।(फाइल)
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सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के संबंध में शासन की ओर से माइक्रो प्लान मांगा गया है। वितरण से लेकर उसके रखरखाव की जानकारी देनी है। वैक्सीन कब आएगी इस संबंध में जानकारी नहीं है। रूबेला अभियान को रोल मॉडल मानकर उसी अनुसार तैयारी की जा रही है।