समय रहते लोग कोरोना वायरस से बचाव को लेकर संजीदा नहीं हुए तो मुश्किलें फिर बढ़ जाएंगी, यह कहना है स्वास्थ्य विभाग का। ऐसे में मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें। उधर, दिल्ली, मुंबई समेत अन्य राज्यों में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। होली त्योहार को देखते हुए देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों के जिले में आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
कोरोना अपडेट: नहीं चेते तो फिर बढ़ेगी मरीजों की संख्या, जानिए कौन लोग बढ़ा सकते हैं मुसीबत
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पिछले साल 26 अप्रैल को जिले में कोरोना का पहला केस मिला था। वह व्यक्ति दिल्ली से आया था। एक सप्ताह बाद उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती गई। अगस्त, सितंबर और अक्तूबर माह में प्रतिदिन नए केस की संख्या 200 के पार पहुंच गई थी। उस दौरान भी दिल्ली और मुंबई से आने वाले लोगों ने ही कोरोना के मामलों में इजाफा किया था। इस साल मार्च माह में दो से चार मरीज प्रतिदिन मिल रहे हैं। दूसरी ओर मुंबई, दिल्ली, बंगलुरू, केरल जैसे राज्यों से लगातार लोग जिले में पहुंच रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर कोरोना का खतरा जिले में मंडराने लगा है। यही वजह है कि जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
प्रतिदिन 3000 हजार सैंपलों की होगी जांच
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि फिर से कोविड जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब तक रोजाना एक हजार नमूनों की जांच होती थी। अब यह संख्या तीन हजार के आसपास होगी। ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा सैंपल लिए जाएंगे। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में मुंबई और दिल्ली से आने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है।
सीएमओ ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर कोविड जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। मुंबई और दिल्ली से आने वाले सभी मरीजों की जांच की जाएगी। जांच में जीआरपी और आरपीएफ की मदद ली जाएगी। इसके अलावा बस स्टेशन पर भी जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। यहां पर प्रशासन की मदद से लोगों की जांच एंटीजन किट से की जाएगी।
जिले में अब तक कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन नहीं मिला है। लेकिन विभाग को डर है कि अगर मुंबई और दिल्ली से आने वाले लोग पॉजिटव मिलते हैं तो कहीं उनके नया स्ट्रेन न मिले। अगर ऐसा होता है तो विभाग के सामने मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। क्योंकि कोरोना का नया स्ट्रेन बेहद खतरनाक है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि मुंबई और दिल्ली से आने वाले हर व्यक्ति की जांच कराई जाएगी। इसे लेकर विभाग की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रेलवे और बस स्टेशनों पर जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। इस काम में प्रशासन की मदद ली जाएगी। साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।