गोरखपुर में लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी शीतलहर की वजह से जनपदवासी कांपते रहे। सोमवार को दिन का तापमान सामान्य से नौ डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 12.6 और न्यूनतम पारा आठ डिग्री दर्ज होने से पूरे दिन तीखी गलन का अहसास होता रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को भी शीतलहर से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
गोरखपुर में ठंड: शीतलहर से दिनभर कांपते रहे लोग, चार दिन से छाया है कोहरा
दिन और रात के तापमान में मात्र चार डिग्री का अंतर
सोमवार को रविवार की तुलना में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कमी आई। दिन और रात के तापमान में मात्र चार डिग्री का अंतर रहा। जहां, न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज किया गया, वहीं अधिकतम तापमान 12.6 डिग्री रहा। इसके अलावा, रविवार को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री था, जो सोमवार को लुढ़ककर आठ डिग्री हो गया। वहीं, दिन का तापमान रविवार की तुलना में चार डिग्री कम रहा।
मंगलवार को भी है मौसम खराब
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि सोमवार को लगातार दूसरे दिन शीत दिवस रहा। मंगलवार को भी यहीं हाल मौसम का है। दरअसल, पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी हो रही है। इसके अलावा तेज पछुवा हवाएं भी चल रही हैं। इस वजह से मैदानों में ठंड बढ़ी है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी और दिन का तापमान 16-17 डिग्री के आसपास रहेगा।
तीन साल पहले हुर्ह थी ऐसी ठंड
तीन साल पहले छह जनवरी को ऐसी ठंड पड़ी थी। छह जनवरी 2018 को न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 साल के दौरान जनवरी में तीसरी बार, दिन में ऐसी ठंड पड़ी है।
वर्ष- तापमान
2013- 9.5 5
2014- 13.5 9
2015- 12.8 11
2016- 16.8 20
2017- 16.6 31
2018- 11.4 6
2019- 21.9 16
2020- 13.4 12
2021- 15.2 13
2022- 12.6 17
सात दिनों में नौ डिग्री गिरा दिन का तापमान
पिछले सात दिनों में दिन के तापमान में करीब नौ डिग्री की गिरावट आई।
| तारीख | अधिकतम | न्यूनतम |
| 12 | 21.4 | 15.2 |
| 13 | 20.8 | 10.2 |
| 14 | 19.4 | 9.7 |
| 15 | 18.5 | 8.4 |
| 16 | 16.0 | 8.8 |
| 17 | 12.6 | 8.0 |
147 स्थानों पर जलाए गए अलाव
शीतलहर के मद्देनजर नगर निगम की ओर से शहर के 147 स्थानों पर अलाव जलाए गए। नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि दोपहर बाद शहर के सार्वजनिक स्थानों के अलावा प्रमुख चौराहों आदि पर अलाव की व्यवस्था कर दी गई। वहीं, नगर आयुुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि रैन बसेरों में रात बिताने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
पड़ने लगा पाला, किसान बचाव के उपाय अपनाएं
दो दिनों से ठंढ बढ़ने के साथ ही पाला भी पड़ने लगा है, इसको लेकर कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आगाह किया है कि फसलों को पाले से बचाने के लिए उपाय करें। कृषि विज्ञान केंद्र बेेलीपार के वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि पाला पड़ने से जहां, गेहूं की फसल बेहतर होगी, वहीं सरसों की फसल का नुकसान होगा। सरसों के फूल झड़ने लगेंगे, फलियां नहीं लगेंगी। इसी प्रकार सब्जी की फसल को भी नुकसान होगा।