मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोशिश होनी चाहिए कि प्रेक्षागृह मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धन का भी केंद्र बने। रामगढ़ताल के किनारे करीब 52 करोड़ की लागत से बने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र का सीएम योगी ने रविवार को लोकार्पण किया। सीएम ने कहा कि यह अत्याधुनिक प्रेक्षागृह कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों के लिए बड़ी सौगात है। पिछली सरकारों के नकारात्मक सोच के कारण कला एवं संस्कृति प्रेमियों को प्रेक्षागृह के लिए चार दशक तक इंतजार करना पड़ा। इस मौके पर उन्होंने घोषणा की अगले सप्ताह गोरखपुर की जनता को चिड़ियाघर भी समर्पित करेंगे।
सीएम योगी ने प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र का किया लोकार्पण, बोले- मनोरंजन के साथ ज्ञानवर्धन का बने केंद्र
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लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रेक्षागृह 19वीं सदी के साधक बाबा गंभीरनाथ को समर्पित है। बाबा ने अपनी साधना का लंबा समय गोरखपुर में गुजारा। गया में भी उन्होंने काफी समय गुजारा था। वह जब वीणा बजाते थे तो आसपास के साधक और जंगल के पशु-पक्षी वीणा सुनने में लीन हो जाते थे। अब इस सांस्कृतिक केंद्र को बाबा गंभीर नाथ को समर्पित करते हुए हर्ष हो रहा है। इस दौरान महापौर सीताराम जायसवाल, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद, नगर विधायक डॉ.राधा मोहनदास अग्रवाल, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विधायक विपिन सिंह, पुष्पदंत जैन, धर्मेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम आदि मौजूद रहे।
चार दशकों से कलाकार कर रहे थे संघर्ष
सीएम ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच के लिए पिछले चार दशक से कलाकारों द्वारा संघर्ष किया जा रहा था। बतौर सांसद 1998 से 2017 तक इसकी मांग मुझे मिलती थी। इसका मुद्दा संसद में भी उठाया। आज लोकार्पण कर अपार हर्ष हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने 1985 में प्रेक्षागृह का शिलान्यास किया था, लेकिन सरकारों के नकारात्मक सोच के चलते प्रेक्षागृह खंडहर हो गया। उस जमीन पर कब्जे की कोशिश भी हुई। हमने उससे अच्छी जगह पर प्रेक्षागृह बनवाया है।
रंगाश्रम के संघर्षों को किया याद, कहा-बरगद के पेड़ के नीचे होता था नाटक
मुख्यमंत्री ने प्रेक्षागृह के संघर्ष के लिए रंगाश्रम को याद किया। उन्होंने कहा कि रंगकर्मी केसी सेन के नेतृत्व में कलाकारों ने बरगद के पेड़ के नीचे वर्षों तक रंगांदोलन किया। गर्मी, सर्दी या बारिश हो कभी उनका नाटक नहीं रुका। कभी प्रेमचंद तो कभी समसामयिक विषयों पर नाटक का मंचन कर रंगाश्रम ने संदेश दिया है। अब रंगाश्रम को मंच मिल रहा है। बेहतर नाटक तैयार कर मंचन करें।
सुविधाओं को बरकरार रखने की जिम्मेदारी जनता की
सीएम ने कहा कि सरकार सिर्फ सुविधाएं दे सकती है। इन सुविधाओं को बरकरार रखने के लिए जरूरी है कि लोग इसे अपना समझें। जहां-तहां थूकने और कुर्सियां आदि उखाड़ने जैसे काम नहीं होने चाहिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित संस्कृति विभाग की पुस्तिका का विमोचन भी किया।