उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ मंदिर में इतना सन्नाटा तब भी नहीं था जब वह जेल में थे। बता दें कि कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में सभी सार्वजनिक स्थल प्रतिबंधित किए गए हैं। वहीं गोरखनाथ मंदिर जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, वहां इन दिनों सन्नाटा छाया हुआ है। आगे की स्लाइड में पढ़ें कि मंदिर में इतना सन्नाटा कब हुआ था....
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गोरखपुर में लॉकडाउन: गोरखनाथ मंदिर में पसरा सन्नाटा (सीएम योगी की फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारका तिवारी बताते हैं कि बात 2007 की है, जब जिले में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। उस समय प्रदेश में मुलायम सिंह की सरकार थी, तब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे। इस दौरान योगी सर्किट हाउस में अधिकारियों से मिलने जा रहे थे कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद जिले की स्थिति विस्फोटक हो गई। जगह-जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं होने लगी।
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गोरखपुर में लॉकडाउन: सीएम योगी आदित्यनाथ (file)।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस योगी आदित्यनाथ को लेकर जैसे-जैसे जेल की तरफ बढ़ रही थी, वैसे ही हर तरफ आगजनी, तोड़फोड़ व पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया जा रहा था। पुलिस ने योगी आदित्यनाथ को जेल में पहुंचा दिया लेकिन उसके बाद भी तनाव बरकरार रहा।
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गोरखपुर में लॉकडाउन: गोरखनाथ मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में गोरखनाथ मंदिर ही नहीं शहर की सारी दुकानें बंद कर दी गईं। इतना ही नहीं व्यापारियों ने एलान कर दिया था कि वह तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी जब तक योगी आदित्यनाथ रिहा नहीं हो जाते। इसकी सूचना मिलने के बाद योगी ने व्यापारी नेताओं को बुलाया और उनसे कहा कि जनहित के लिए अपनी दुकान खोलें।
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गोरखपुर में लॉकडाउन: लॉकडाउन के कारण गोरखनाथ मंदिर में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर में भी पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। मंदिर के आसपास व परिसर की सारी दुकानें बंद थी। ऐसे में पीठाधीश्वर अवैध नाथ जी महाराज व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद महाराज के नेतृत्व में हनुमान मंदिर के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा था। मंदिर में योगी के समर्थक जाते थे और अपना समर्थन व्यक्त करते थे। वहीं चारों तरफ सन्नाटा और खामोशी का वातावरण रहता था।