मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट ने जब उन्हें गोरखनाथ मंदिर में पहली बार संन्यासी रूप में देखा तो वे उन्हें वापस घर ले जाना चाहते थे, मगर महंत अवैद्यनाथ ने लोक कल्याण का तर्क देकर उन्हें मना लिया। आगे की स्लाइड्स में जाने बहन को कहां से मिला था सीएम योगी का पता...
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सीएम योगी आदित्यनाथ। (file)
- फोटो : अमर उजाला।
बात 1992 की है, जब अजय सिंह बिष्ट (अब महंत योगी) ने अपनी मां से गोरखपुर जाने की बात कही और घर से चल दिए। उस समय मां ने सोचा था कि बेटा शायद नौकरी के लिए जा रहा है।
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सीएम योगी। (file)
- फोटो : अमर उजाला।
सीएम योगी को अपने गांव पंचूर से गोरखपुर के लिए निकले लगभग छह महीने से अधिक का समय हो गया, लेकिन उन्होंने घरवालों से कभी संपर्क नहीं किया। इस बात को लेकर पिता आनंद सिंह बिष्ट परेशान हो गए।
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अपने भाई-बहनों के साथ सीएम योगी। (file)
- फोटो : अमर उजाला
बहन ने बताया था योगी का ठिकाना
सीएम योगी की बड़ी पुष्पा पुष्पा शादी के बाद दिल्ली शिफ्ट हो गई थीं। उन्होंने अखबार में योगी के गोरक्षपीठ के महंत का उत्तराधिकारी बनने की खबर पढ़ी थी। उन्होंने अपने पिता से कहा कि आप गोरखनाथ मंदिर जाइए, वहां आपको सारी सूचना मिल जाएगी।
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सीएम योगी। (file)
- फोटो : अमर उजाला।
सीएम योगी के पिता जब गोरखनाथ मंदिर में पहुंचे तो सीएम योगी संन्यासी के वेष में देखकर चौंक गए थे। जब उन्होंने सीएम योगी को घर वापस चलने की बात कही तो महंत अवैद्यनाथ ने कहा कि आप के चार पुत्र हैं। एक को समाज सेवा के लिए नहीं दे सकते हैं। योगी पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वह जब चाहें, आप लोगों के पास जा सकते हैं। आप भी जब चाहें मंदिर आ सकते हैं। आपका सदैव स्वागत होगा।