उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पीपीगंज में किन्नरों की विशेष छठ पूजा आकर्षण का केंद्र रही। वहीं किन्नर महामंडलेश्वर किरन नंद गिरि ने हमेशा की तरह इस वर्ष भी यजमानों की सलामती एवं खुशहाली के लिए विशेष छठ पूजा की। वह दो किमी तक लेटते हुए छठ घाट पहुंचीं और पूजा अर्चना की।
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chhath puja 2020
- फोटो : अमर उजाला।
टीचर कॉलोनी स्थित अपने आवास से मोहल्ले की सैकड़ों महिलाओं के साथ ढोल नगाड़ों एवं गाजे-बाजे के साथ निकली किन्नर महामंडलेश्वर किरन नंद गिरि ने छठ घाट पर पूजा अर्चना के बाद अस्ताचलगामी व उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान उनके सहयोगी किन्नर शिल्पा, नयना, सिंदूर आदि मौजूद रहीं।
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chhath puja 2020
- फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान महामंडलेश्वर किरन नंद गिरि ने बताया कि यजमान ही हमारे सबकुछ हैं। उनकी सलामती के लिए बीते करीब पांच वर्षों से वह पूरे विधि विधान से छठ व्रत रखकर पूजा पाठ करती हैं। छठ माता से कामना है कि कोरोना संकट से मुक्ति दिलाते हुए यजमानों को सुखी खुशहाल एवं संपन्न रखें।
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chhath puja 2020
- फोटो : अमर उजाला।
जेल में 21 महिला बंदियों ने भी दिया सूर्य को अर्घ्य
बता दें कि गोरखपुर जेल में भी 21 महिला बंदियों ने अस्ताचलगामी व उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर छठ का पर्व मनाया। प्रेमी के साथ मिलकर पति व बच्चे की हत्या करने की सजायाफ्ता अर्चना ने भी जेल से ही छठ का व्रत रखा। वह वर्ष 2017 से ही लगातार जेल से ही छठ का व्रत रखते आ रही है।
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गोरखपुर जेल।
- फोटो : अमर उजाला
जेल प्रशासन ने छठ के लिए महिला बैरक में ही बेदी बनवाई थी तथा टब की व्यवस्था कराई थी। महिला बंदियों की पूजा के लिए गन्ना, फल, नारियल, अगरबत्ती, थाली, डाला, बर्तन आदि की व्यवस्था खुद जेल के अधिकारियों ने कराई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि वर्तमान समय में जेल में 95 महिला बंदी निरुद्ध हैं। जिसमें से 21 महिला बंदियों ने छठ का व्रत रहने की इच्छा जताई थी। जिसके बाद उनकी पूजा के लिए सभी वस्तुओं की व्यवस्था कराई गई।