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गोरखपुर: बीआरडी में होगा ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज, पीजीआई की ये खास टीम भी देगी सलाह

Wed, 19 May 2021 02:11 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 19 May 2021 02:11 PM IST
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Black fungus patients will be treated in Gorakhpur BRD medical college
बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना के दूसरी लहर के बीच ठीक हो चुके संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा मंडराने लगा है। इसे देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में बुधवार से पोस्ट कोविड की ओपीडी शुरू हो गई है। इस बीच अगर ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज मिलते हैं, तो उनका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में होगा। इलाज में पीजीआई की 12 सदस्यीय टीम भी वीडियो कॉल पर सलाह देगी। जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक 24 से अधिक ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज मिले चुके हैं। इनमें एक मरीज की मौत भी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हो चुकी है। इसे देखते शासन ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ब्लैक फंगस के मरीजों को इलाज करने के लिए निर्देशित किया है। यही वजह है कि कॉलेज प्रशासन पोस्ट कोविड ओपीडी की शुरुआत बुधवार से कर दिया है। 
Black fungus patients will be treated in Gorakhpur BRD medical college
कमिश्नर ने आएमए के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। - फोटो : अमर उजाला।
पोस्ट कोविड ओपीडी में अगर ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज आते हैं, तो उनका इलाज बीआरडी में ही किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पीजीआई के डॉक्टर वीडियो कॉल के जरिए इलाज की जानकारी देंगे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ पवन प्रधान ने बताया कि बुधवार को पोस्ट कोविड ओपीडी शुरू हो गई है। इसमें ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों पर विशेष निगाह रखी जाएगी।
Black fungus patients will be treated in Gorakhpur BRD medical college
बैठक में शामिल आएमए के पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
प्राचार्य  ने बताया कि अगर मरीज मिलते हैं तो उनका इलाज बीआरडी में किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पीजीआई के डॉक्टरों की भी सलाह ली जाएगी। फिलहाल बीआरडी के पास आंख, नाक, कान, गला और चर्म रोग विशेषज्ञों की पूरी टीम है। ऐसे में इलाज में कोई दिक्कत नहीं होगी।
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Black fungus patients will be treated in Gorakhpur BRD medical college
बीआरडी के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान। - फोटो : अमर उजाला।
होम आइसोलेशन वाले मरीजों को ब्लैक फंगस का खतरा बिल्कुल नहीं
डॉ पवन प्रधान ने बताया कि कोविड के जो भी मरीज होम आइसोलेशन में हैं। उन्हें ब्लैक फंगस का खतरा बिल्कुल नहीं है। ब्लैक फंगस ऐसे मरीजों को हो सकता है, जो अस्पतालों में भर्ती रहे हो। उनका इलाज आईसीयू में चला हो। इसके अलावा वह हाई शुगर के मरीज हो। स्टेरॉयड का इस्तेमाल अधिक किए हो। ऐसे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इन मरीजों में अगर ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते हैं तो वह लोग तत्काल बीआरडी के पोस्ट कोविड ओपीडी में डॉक्टरों को जरूर दिखाएं।
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गोरखपुर जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में भी आ रही है शिकायतें
जिला अस्पताल में पोस्ट कोविड की ओपीडी सोमवार से शुरू हुई है। ओपीडी में ब्लैक फंगस की शिकायतें लेकर कुछ मरीज पहुंचे थे। हालांकि उनकी जांच की गई तो उनमें लक्षण नहीं दिखा। पोस्ट कोविड ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों ने बताया कि लोगों के मन केवल शंकाए थी, जिसे देखने के बाद दूर कर दिया गया है। अब तक ब्लैक फंगस के कोई मरीज नहीं मिले हैं।
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