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समस्या: गोरखपुर में दो हजार से अधिक मरीजों का ऑपरेशन टला, ये है बड़ी वजह

Wed, 19 May 2021 01:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 19 May 2021 01:25 PM IST
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Corona effect Operation of two thousand patients in Gorakhpur postponed due to second wave of corona
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : istock
कोरोना की दूसरी लहर में अन्य बीमारियों से पीड़ित रोगियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे रोगियों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में दो हजार से अधिक ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा ऑपरेशन होते थे, लेकिन इस समय वहां भी केवल इमरजेंसी में ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी अत्यधिक गंभीर मरीजों के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में ऑपरेशन के नाम पर मरीजों को बीआरडी रेफर कर दिया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर से पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन छोटे-बड़े मिलाकर 300 से अधिक ऑपरेशन होते थे। मौजूदा समय में सभी अस्पतालों में ओटी बंद चल रही है। सिर्फ इमरजेंसी में ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में तो इमरजेंसी में भी ऑपरेशन बंद है। डॉक्टरों का मानना है कि इस बार लॉकडाउन जब से लगा है तब से दो हजार से अधिक ऑपरेशन टाले जा चुके हैं। हालात थोड़े सामान्य होंगे तो नई तिथियों पर ऑपरेशन किए जाएंगे।
Corona effect Operation of two thousand patients in Gorakhpur postponed due to second wave of corona
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
बीआरडी में इमरजेंसी ही में ही किए जा रहे ऑपरेशन
कोरोना की दूसरी लहर से पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 50 से 60 ऑपरेशन प्रतिदिन होते थे। मौजूदा समय में केवल इमरजेंसी में ऑपरेशन हो रहे हैं। इनकी भी संख्या 10-12 होती है। पहले आर्थो, नाक, कान, गला, सर्जरी (पेट संबंधी ऑपरेशन) के ऑपरेशन होते थे। वहीं, जिला अस्पताल में 20 से 22 ऑपरेशन होते थे। इस समय इमरजेंसी में ही र्कोई ऑपरेशन किया जा रहा है।
Corona effect Operation of two thousand patients in Gorakhpur postponed due to second wave of corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
पथरी, हर्निया के मरीजों को नहीं मिल रहा समय
सबसे अधिक दिक्कत पथरी, हर्निया और बवासीर के मरीजों को है। इन्हें निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों में भी जगह नहीं मिल रही है। इन मरीजों को सितंबर और अक्तूबर माह में ऑपरेशन करने की सलाह दी जा रही है।
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Corona effect Operation of two thousand patients in Gorakhpur postponed due to second wave of corona
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
43 निजी अस्पतालों में हो रहा कोविड का इलाज
जिले के 43 निजी अस्पतालों में कोविड का इलाज चल रहा है। इस वजह से इन अस्पतालों में सामान्य मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। जो अस्पताल कोविड के लिए बनाए गए हैं, वहां प्रतिदिन पांच से सात ऑपरेशन हो जाते थे। ऐसे में इन अस्पतालों के मरीजों को लंबी वेटिंग दी जा रही है। साथ ही सलाह दी जा रही है कि अगर इमरजेंसी है तो बीआरडी में ऑपरेशन कराएं
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Corona effect Operation of two thousand patients in Gorakhpur postponed due to second wave of corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सितंबर माह में दिया गया समय
आजाद चौक निवासी संजय कुमार को हर्निया का ऑपरेशन कराना था। वह 12 अप्रैल को शहर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने गए थे। उन्हें दवा देकर सितंबर माह में ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई है। इसी तरह दाउदपुर के रहने वाले रमेश कुमार को पथरी का ऑपरेशन कराना था। उन्हें अगस्त माह का समय दिया गया है।
 
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ पवन प्रधान ने बताया कि अभी केवल इमरजेंसी में ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जैसे ही स्थिति सामान्य होगी वैसे ही सभी विभागों की ओटी शुरू कर दी जाएगी।
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