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यूपी: आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे प्रदेश के सभी आयुष कॉलेज, पूर्वांचल की छह करोड़ से अधिक जनता को मिलेगी ये सुविधा
Tue, 24 Aug 2021 08:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 24 Aug 2021 08:06 PM IST
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आयुष विश्विद्यालय का प्रस्तावित ले- आउट।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर के भटहट ब्लॉक के पिपरी व तरकुलही में 52 एकड़ भूमि पर बनने जा रहे राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय में एक ही परिसर में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और योग चिकित्सा की पढ़ाई और उस पर शोध कार्य होगा। इन विधाओं से यहां चिकित्सा भी सुलभ होगी। योग सहित प्राकृतिक व परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में लगी योगी सरकार का यह बड़ा कदम है।
आयुष विश्विद्यालय का प्रस्तावित ले- आउट।
- फोटो : अमर उजाला।
औषधीय पौधों की खेती को भी बढ़ावा देगा प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय
आयुष विद्यालय के निर्माण से किसानों को भी काफी फायदा होगा। विश्वविद्यालय की निगरानी में वह औषधीय खेती के लिए प्रेरित होंगे। विश्वविद्यालय परिसर में भी अलग से औषधीय पादप उद्यान विकसित किया जाएगा। यहां आयुष इंस्टीट्यूट व रिसर्च सेंटर भी होगा।
आयुष विद्यालय के निर्माण से किसानों को भी काफी फायदा होगा। विश्वविद्यालय की निगरानी में वह औषधीय खेती के लिए प्रेरित होंगे। विश्वविद्यालय परिसर में भी अलग से औषधीय पादप उद्यान विकसित किया जाएगा। यहां आयुष इंस्टीट्यूट व रिसर्च सेंटर भी होगा।
आयुष विश्विद्यालय का प्रस्तावित ले- आउट।
- फोटो : अमर उजाला।
मार्च 2023 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय है। विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 299.87 करोड़ रुपये की प्रारंभिक डीपीआर कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बनाई है। इस बीच योगी सरकार ने आयुष विश्वविद्यालय की बाउंड्री वाल के लिए 2.4 करोड़ अवमुक्त कर दिए हैं। शिलान्यास के तत्काल बाद इस विश्वविद्यालय के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। परिसर में एकेडमिक भवन, प्रशासनिक भवन, आवासीय भवन, छात्रावास, गेस्ट हाउस के अलावा आडिटोरियम और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक भी होगा। अनुमान है कि आयुष विश्वविद्यालय के संपूर्ण प्रोजेक्ट पर तकरीबन एक हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय है। विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 299.87 करोड़ रुपये की प्रारंभिक डीपीआर कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बनाई है। इस बीच योगी सरकार ने आयुष विश्वविद्यालय की बाउंड्री वाल के लिए 2.4 करोड़ अवमुक्त कर दिए हैं। शिलान्यास के तत्काल बाद इस विश्वविद्यालय के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। परिसर में एकेडमिक भवन, प्रशासनिक भवन, आवासीय भवन, छात्रावास, गेस्ट हाउस के अलावा आडिटोरियम और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक भी होगा। अनुमान है कि आयुष विश्वविद्यालय के संपूर्ण प्रोजेक्ट पर तकरीबन एक हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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आयुष विश्विद्यालय का प्रस्तावित ले- आउट।
- फोटो : अमर उजाला।
मेडिकल, नर्सिंग और पैरा मेडिकल एजुकेशन का बड़ा केंद्र होगा गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय
28 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के बाद गोरक्षपीठ द्वारा संचालित गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय का लोकार्पण करेंगे। गोरखपुर में मानीराम-बालापार रोड पर सोनबरसा में बने इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ हैं।
28 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के बाद गोरक्षपीठ द्वारा संचालित गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय का लोकार्पण करेंगे। गोरखपुर में मानीराम-बालापार रोड पर सोनबरसा में बने इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ हैं।
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आयुष विश्विद्यालय के शिलान्यास समारोह के लिए तैर हो रहा कार्यक्रम स्थल।
- फोटो : अमर उजाला।
सीएम योगी के निर्देश पर इस विश्वविद्यालय को कला, वाणिज्य, विज्ञान, कृषि, प्रौद्योगिकी की उच्च व रोजगारपरक शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही यह विश्वविद्यालय मेडिकल, नर्सिंग व पैरा मेडिकल एजुकेशन का पूरे प्रदेश में बड़ा केंद्र बनने को बिल्कुल तैयार है। इस विश्वविद्यालय से संबद्ध गुरु गोरखनाथ इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस को भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग से मान्यता मिल गई है और इंस्टीच्यूट में इसी सत्र से 100 सीटों पर बीएएमएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके अलावा बीएससी व एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। इसी सत्र से डिप्लोमा इन लैब टेक्निशियन, डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री, डिप्लोमा इन आर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रामा केयर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्निशियन और डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर टेक्निशियन की भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होने जा रही है। आने वाले समय मे विश्वविद्यालय में एमबीबीएस, बी फार्मा, डी फार्मा, पैरामेडिकल कोर्सेस, बीएससी यौगिक, बीएससी आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले दर्जनों पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यहां की शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर उत्कृष्ट बनाया जा रहा है।