विदेशियों के साथ भारत में नहीं आ सकता है कोरोना वायरस, देश की इस सीमा को किया गया सील
जानकारी के मुताबिक कमिश्नर और डीआईजी ने शुक्रवार को एयरपोर्ट पर भी बैठक की। इसमें कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही बताया गया कि केंद्र सरकार ने भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों का वीजा रद कर दिया है। इस कारण नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है। नेपाल सीमा पर जो भी विदेशी आ रहे हैं, उन्हें वापस भेजा जा रहा है। रोजाना 500 से 700 विदेशी नागरिक नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होते हैं।
हालांकि इन दिनों पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। प्रशासनिक अफसरों के पास जो रिकार्ड है, उसके मुताबिक एक हजार विदेशी नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होना चाहते थे जिन्हें सीमा पर ही रोक दिया गया। भारत से नेपाल जाने और नेपाली नागरिकाें के भारत में आने की संख्या भी काफी ज्यादा होती है। इन पर रोक तो नहीं है मगर इन्हें जांच के बाद ही सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है। अब भारत की ओर से कोशिश शुरू कर दी गई है कि लोग इन दिनों नेपाल में आनाजाना कम कर दें। बहुत जरूरी होने पर ही बॉर्डर पार करें।
पांच संदिग्ध को नेपाल में भर्ती कराया गया
भारत-नेपाल सीमा पर पांच कोरोना संदिग्ध विदेशी मिले हैं। थर्मल स्कैनर से जांच हुई तो सबको तेज बुखार मिला। इसके बाद ही विदेशियों को नेपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही दूतावासों को जानकारी दे दी गई। भारतीय दूतावास को भी इसकी सूचना दी गई है।
पगडंडियों पर एसएसबी की नजर
भारत-नेपाल सीमा कई जगहों से खुली हुई है। पगडंडियों से भी पैदल आने जाने का रास्ता है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पुलिस महानिदेशक कुमार राजेश चंद्रा ने पत्र जारी कर निर्देश दिया कि इन पगडंडियों पर एसएसबी के जवान नजर रखें। अगर किसी को संदिग्ध पाएं तो उनका समुचित उपचार कराएं। कोरोना वायरस किसी भी दशा में आम आदमी के बीच ना पहुंचने पाए।