प्याज की कीमतों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। 31 अक्तूबर तक प्याज के दाम कम नहीं हुए तो प्रशासन अपनी निगरानी में प्याज की बिक्री कराएगा।
प्याज की बढ़ती कीमत को लेकर प्रशासन सख्त, अब इनकी निगरानी में होगी बिक्री
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कई जगह से शिकायतें मिल रही हैं कि पुराने रेट पर मंगाई गई प्याज को स्टाक कर बढ़े दर पर बेचा जा रहा है। प्याज का दाम पिछले 25 दिन में करीब 40 रुपये तक बढ़ चुका है। मौजूदा समय मे थोक मंडी में प्याज 55 से 65 तो फुटकर में 75 से 80 रुपये तक बिक रहा है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि प्याज की कीमत बढ़ रही है। 31 अक्तूबर तक इंतजार किया जाएगा, यदि कीमत नियंत्रित नहीं हुई तो एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू किया जाएगा और स्टाक अपने कब्जे में लेकर प्रशासन दाम नियंत्रित करेगा। लॉकडाउन की तर्ज पर दुकानें लगाकर सस्ते रेट पर बिक्री भी की जा सकती है।
उधर दाम बढ़ने के पीछे व्यापारियों की दलील है कि दक्षिण भारत में असमय बारिश के कारण मंडी तक नई फसल नहीं आ सकी है। ऐसी स्थिति में प्याज के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि किल्लत उतनी है नहीं जितनी प्याज के व्यापारी दर्शा रहे हैं। जमाखोरी की वजह से रेट बढ़ रहे हैं। थोक मंडी में कुछ व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में प्याज का स्टाक कर रखा है। अपनी दुकान के साथ ही कुछ और दुकानों में माल भरा गया है। व्यापारियों के घरों में भी प्याज का स्टाक है। इन्हें सस्ते दर पर खरीदा गया था। इस समय नासिक में भी प्याज के दाम बढ़े हैं और इसी को आधार बनाकर यहां भी पुराना स्टाक नए रेट पर बेच कर जबदरस्त लाभ कमाया जा रहा है।
जमाखोरी जांचने के लिए लगाई गई है टीम
प्याज की जमाखोरी की जांच के लिए प्रशासन की ओर से जांच टीम लगाई गई है। मगर अभी टीम को कहीं से सफलता नहीं मिली है। थोक मंडी में जमाखोरी की चर्चा आम है लेकिन जमाखोरी करने वाले जांच टीमों के हाथ नहीं आ सके हैं। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि प्याज की आवक कम होने से दिक्कत आ रही है। यदि आम नागरिक के पास भी जमाखोरी की सूचना हो तो वे बता सकते हैं, जमाखोरी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।