उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अब पुलिस वालों की रात्रि गश्त की निगरानी एप से की जाएगी। इसके लिए एडीजी जोन अखिल कुमार ने पुलिसकर्मियों को मैप माई वर्क एप डाउनलोड करने का निर्देश दिया है। इससे रात में पुलिसकर्मी किन रास्तों पर गए, कब, कहां मौजूद थे, सब ब्योरा दर्ज हो जाएगा।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
पुलिसकर्मियों को सुबह इस रूट का चार्ट अपने अफसर को भेजना होगा, उसे देखकर यह पता चल जाएगा कि वे तय लोकेशन पर थे कि नहीं। ड्यूटी पर थे, तो गश्त कितनी और कहां किया यह भी मालूम हो जाएगा।
3 of 5
नवागत एडीजी अखिल कुमार।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, वायरलेस से अफसर लोकेशन लेते हैं। इसमें कई बार पुलिसकर्मी गलत लोकेशन बता देते थे। ऐसे में घटना होने या किसी संयोग के बाद ही उनके झूठ पकड़ में आते थे। एडीजी अखिल ने बताया कि पहले की अपेक्षा तकनीकी काफी बढ़ी है।
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
रात 12 से सुबह पांच बजे तक होती है ड्यूटी
गोरखपुर में वायरलेस लोकेशन के साथ रात 12 बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रि गश्त चलती है। अलग-अलग अधिकारियों व थानेदारों का अलग-अलग दिन शेड्यूल भी बना है, ताकि वह पुलिसकर्मियों की लोकेशन चेक करें साथ ही, व्हाटसएप लाइव लोकेशन भेजने की भी व्यवस्था कराई गई है। अब इसे एप के जरिए जोड़ने का भी प्लान तैयार कराया जा रहा है।
5 of 5
नवागत एडीजी जोन अखिल कुमार।
- फोटो : अमर उजाला।
एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि एप की मदद से पता चल जाएगा कि रात्रि गश्त पर कौन, कहां था और किन रास्तों का इस्तेमाल कर उसने गश्त किया। इससे उनकी गश्त की लोकेशन जाननी आसान होगी।