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यूपी: अब किराएदारों के सत्यापन में हीलाहवाली की तो खैर नहीं, जानिए किस वजह से एडीजी ने दिया ये खास आदेश

Sat, 27 Feb 2021 01:11 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह , गोरखपुर।
शिवम सिंह , गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 27 Feb 2021 01:11 PM IST
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ADG Akhil kumar issued order for landlords for verification of tenants in UP Gorakhpur
एडीजी जोन अखिल कुमार। - फोटो : अमर उजाला।

मकान मालिकों ने किराएदारों के सत्यापन में लापरवाही की तो पुलिस उनके खिलाफ धारा 188 (नियम तोड़ने) के तहत केस दर्ज करेगी। अब मकान मालिक को अपने किराएदार का हर ब्योरा रखना होगा, ताकि किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर कार्रवाई में पुलिस को मदद मिल सके। गोरखपुर के एडीजी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। दरअसल, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें पता चला कि बदमाश शहर में किराए के मकान में रहते थे। पुलिस उनके ठिकाने पर पहुंचती तो पता चलता कि मकान मालिक को उनके बारे में कुछ पता ही नहीं है।

ADG Akhil kumar issued order for landlords for verification of tenants in UP Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock

पुलिस इस तरह करेगी सत्यापन
पुलिस, मकान मालिकों से संपर्क करेगी। मकान मालिकों की भी यह जिम्मेदारी होगी कि उन्होंने मकान किसको दिया, इसका ब्योरा रखें। उनके बारे में सामान्य जानकारी अवश्य हो। पुलिस आधार कार्ड की मदद से संबंधित थाने से सत्यापन करेगी कि कहीं किराएदार कोई अपराधी या दबंग तो नहीं है। कई बार बड़े बदमाश किराए पर कमरा लेकर रहते हैं और फिर वारदात को अंजाम देते हैं। उनके बारे में कोई जानकारी नहीं होने से कार्रवाई में पुलिस को दिक्कतें आती हैं। अब एडीजी अखिल कुमार ने बीट सिपाहियों को संभ्रात लोगों से संपर्क करने के साथ ही किराएदारों का सत्यापन करने को भी कहा है। इसका एक प्रोफार्मा होगा और उसे मकान मालिक को भरकर अपने संबंधित थाने या चौकी पर देना होगा, ताकि सत्यापन किया जा सके।

ADG Akhil kumar issued order for landlords for verification of tenants in UP Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock

एक बार शुरू हुई थी व्यवस्था पर जल्द हो गई ध्वस्त
करीब पांच साल पहले इस तरह की व्यवस्था शुरू की गई थी। थाने से बाकायदा एक प्रोफार्मा मिलता था और उसे भरकर मकान मालिक चौकी या थाने पर जमा करते थे। इसका सत्यापन भी होता था, लेकिन बाद में यह व्यवस्था बंद कर दी गई। किराएदार का सत्यापन तो दूर, लोग उनका पूरा पता तक नहीं रखते हैं।

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ADG Akhil kumar issued order for landlords for verification of tenants in UP Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

यह होता है धारा 188
ऐसा कोई आदेश, जो लोकसेवक द्वारा दिया गया हो, उसका उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। इस धारा का न्यायालय तभी संज्ञान लेती है, जब लोकसेवक लिखित परिवाद न्यायालय में दाखिल करता है। इस धारा के तहत दो तरह की सजा होती है। पहला अगर सरकारी अधिकारी के आदेशों का उल्लंघन करते हैं और इससे किसी शख्स को नुकसान पहुंचता है तो एक महीने की जेल या दो सौ रुपये जुर्माना, दूसरा अगर आदेश का उल्लंघन होने से मानव जीवन को खतरा होता है, तो छह महीने की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों ही सजा हो सकती है।

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ADG Akhil kumar issued order for landlords for verification of tenants in UP Gorakhpur
घटनास्थल की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

केस एक  
10 नवंबर 2021 की रात गगहा इलाके के एक ईंट-भट्ठा पर डकैती हुई थी। इस दौरान छेड़खानी की घटना भी सामने आई थी। पुलिस ने जब आरोपियों को पकड़ा तो पता चला कि वे किराए पर कमरा लेकर, ऑटो चलाने का काम करते थे। इस दौरान ही रेकी कर वारदात को अंजाम दिया।

केस दो
15 सितंबर 2020 को पुलिस ने अंतरराज्यीय मोबाइल फोन चोर गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा। उनसे 24 मोबाइल फोन बरामद किए। इन लोगों ने भी यही बताया था कि बाहर से आकर किराए पर कमरा लेते थे और फिर वारदात कर चले जाते थे। पकड़े जाने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी हो पाई थी।

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