चिलुआताल इलाके के दहला गांव में जमीन के विवाद में की गई आगजनी की घटना में झुलसी एक और विवाहिता ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज से पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। आक्रोशित रिश्तेदार और ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी देने की मांग करते हुए डोहरिया-कौड़िया मार्ग पर जाम लगा दिया।
2 of 10
दहला गांव में जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों के समझाने पर करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। बड़े भाई की हैवानियत के शिकार दो भाइयों व एक की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि तीन साल की बच्ची अब भी अस्पताल में है।
3 of 10
gorakhpur fire
- फोटो : अमर उजाला
चिलुआताल के दहला गांव में 14 दिसंबर की देर रात में आगजनी की घटना सामने आई थी। रात में पत्नी-बच्चे के साथ सो रहे भाइयाें के कमरे में बाहर से ताला लगाकर बड़े भाई ने बेचन निषाद ने थिनर (तारपीन का तेल) डालकर आग लगा दी थी। आग से बृजेश निषाद (32), पत्नी मधु (28), बच्ची रिद्धिमा (03), अरविंद निषाद (30) और उसकी पत्नी माला (25) झुलस गए थे।
4 of 10
अरविंद और माला का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसमें आरोपी की पत्नी ने भी मदद की थी। आग से झुलसे परिवार के पांच सदस्यों में से नवविवाहिता माला (25), पति अरविंद निषाद (30) और जेठ बृजेश निषाद (32) की इलाज के दौरान कुछ दिन पहले ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी बृजेश की पत्नी मधु ने भी शुक्रवार भोर में करीब 3 बजे मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची रिद्धिमा का इलाज चल रहा है।
5 of 10
बेटी माला को आखिरी विदाई देते हुए फफक पड़ी मां
- फोटो : संवाद
मधु की मौत की खबर पर रिश्तेदार गांव पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने पर वह डोहरिया-कौड़िया मार्ग पर जाम लगा दिया। वह आरोपी बेचन निषाद को फांसी देने की मांग करने लगे। जाम लगाए जाने की सूचना पर क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज गौरव त्रिपाठी, चिलुआताल थानेदार अतुल श्रीवास्तव एवं चौकी प्रभारी मजनू अमित चौधरी और पीपीगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई।