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308 पहिए वाले ट्रेलर से जा रही फर्टिलाइजर की मशीन, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार, तस्वीरें
Wed, 06 May 2020 03:07 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 06 May 2020 03:07 PM IST
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gorakhpur fertilizer
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर खाद कारखाना के निर्माण के लिए जापान से मंगाई गई यूरिया रिएक्टर व कारपोरेट कंडेंसर मशीन जलमार्ग से छपरा के डोरीगंज पहुंची और वहां से 308 पहिए वाले ट्रेलर से गोरखपुर के लिए रवाना की गई।
gorakhpur fertilizer
- फोटो : अमर उजाला।
मंगलवार को यह मशीन कप्तानगंज रेलवे ढ़ाला होकर परतावल में पहुंची तो उसको देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। उसे लाने के लिए हेतिमपुर के पास फोरलेन पर दो जगह मधुरिया व हेतिमपुर में बने पुल के पास रास्ता कम चौड़ा होने के कारण मिट्टी भर कर मशीन को लाया गया, जिससे अधिक समय लगा।
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- फोटो : अमर उजाला।
हाटा में सड़क चौड़ा करके और कप्तानगंज में रेलवे बिजली तार को हटाकर निकाला गया। यूरिया रिएक्टर मशीन के इंचार्ज नागेंद्र शुक्ला ने बताया कि गोरखपुर स्थित खाद कारखाना के लिए मशीन जापान से जलमार्ग के रास्ते होकर छपरा के डोरीगंज लाई गई।
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- फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने बताया कि फरवरी से ही दो ट्रेलर पर 650 मीट्रिक टन वजनी अमोनिया कनवर्टर व यूरिया रिएक्टर गोरखपुर लाया जा रहा है। मशीन के वजन को देखते हुए 308 पहिये का एक और 192 पहिए का दूसरा ट्रेलर उपयोग में लाया जा रहा है। दो हाइड्रा मशीन, चार फोर व्हीलर गाड़ी सहित कुल चालीस आदमी साथ में हैं।
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- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि 27 अप्रैल को गोरखपुर-कुशीनगर फोरलेन पर 252 और 192 पहियों वाले ट्रेलर पर दो टरबाइन आए थे। इनमें एक टरबाइन 575 टन तो दूसरी 330 टन की थी। इन्हें गुजरात से कोलकाता, हल्दिया होते हुए छपरा स्थित बंदरगाह तक जल मार्ग से लाने में 62 दिन लग गए थे। एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित ने बताया कि कारखाने में 1300 मजदूर पहले से काम कर रहे हैं, टरबाइन मशीन आने के बाद 700 और मजदूरों को काम दिया जाएगा।