Ultimate Saree: अजरक से लेकर घरचोला तक, हर महिला के पास होनी चाहिए भारतीय टेक्सटाइल की ये साड़ियां
हर महिला के पास साड़ियों का अल्टीमेट कलेक्शन होता ही है। यदि आपके पास नहीं है तो यहां कुछ भारतीय टेक्सटाइल की साड़ियों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, ताकि आप इसे खरीद सकें।
अजरक साड़ी
अजरक प्रिंट की ये साड़ी बाड़मेर की खासियत है। अजरक प्रिंट को तैयार करने के लिए हमेशा प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। इन रंगों को तैयार करने में काफी समय लगता है। इन रंगों को बनाने की प्रक्रिया में करीब 20 से 30 दिन का समय लगता है। कुछ समय पहले ही ग्लोबल मंच पर आलिया भट्ट को इस प्रिंट की साड़ी पहने देखा गया था। इस अजरक प्रिंट की साड़ी के साथ उन्होंने ट्यूब ब्लाउज पहना था, जिस वजह से उनका अंदाज कमाल का लग रहा था।
शादी-विवाह के अवसर पर घरचोला साड़ी पहनना काफी शुभ माना जाता है, क्योंकि ये साड़ी ज्यादातर चटक रंगों यानी कि लाल, हरा और पीले रंगों में आती है। इसलिए महिलाओं को ये साड़ी काफी पसंद आती है। इन साड़ियों में पारंपरिक रूप से बुनाई के साथ चेकर्ड ग्रिड डिजाइन होता है। इसके अलावा इन साड़ियों पर मोर या कमल जैसी शुभ कलाकृतियां बनी होती हैं, जिससे पहनकर लुक अच्छा आता है।
कांजीवरम साड़ी
कांजीवरम साड़ी का अपना अलग ही अंदाज होता है। ये मूलरूप से तमिलनाडु के कांजीवरम (कांचीपुरम) क्षेत्र में बनाई जाती हैं। इसे बनाने में शुद्ध रेशमी कपड़े का इस्तेमाल होता है, जिस वजह से इनका लुक काफी रॉयल रहता है। कांजीवरम साड़ियां काफी महंगी होती हैं, क्योंकि इन पर भारी सोने-चांदी का काम होता है। इन साड़ियों में मंदिर, फूल, पशु-पक्षियों (जैसे मोर, हंस) की पारंपरिक आकृतियां बनी होती हैं, जो इसकी रॉयल्टी को और बढ़ाते हैं।
बनारसी साड़ी
उत्तर प्रदेश के बनारस में तैयार की जाने वाली बनारसी साड़ियों की अपनी अलग पहचान है। बनारसी साड़ियों पर मुख्यत: मुगल कला से प्रेरित डिजाइन जैसे बेल-बूटे, फूल-पत्ते, जाली और जटिल रूपांकन देखने को मिलता है। इस पूरी साड़ी पर भारी बुनाई होती है, जिससे इस साड़ी की भव्यता कई गुना बढ़ जाती है। नई दुल्हनों पर बनारसी साड़ियां कमाल की लगती हैं।