Meso Botox: बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में कई ऐसी अभिनेत्रियां हैं, जिनकी उम्र बढ़ती जा रही है, लेकिन फिर भी उनकी त्वचा एकदम यंग दिखती है। भले ही वो कितना भी कहें कि उनकी यंग त्वचा के पीछे का राज अच्छा खान-पान है लेकिन ऐसा नहीं होता।
फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स नाम की सीरीज में मशहूर एक्ट्रेस नीलम कोठारी ने कैमरे पर बोटोक्स ट्रीटमेंट लेते हुए खुद को दिखाया था, और उन्होंने कहा था कि इसमें छिपाने जैसा कुछ भी नहीं है। इसी के बाद से ये साफ हो गया कि अभिनेत्रियां यंग दिखने के लिए बोटोक्स ट्रीटमेंट लेती हैं।
बहुत से लोगों को इस बारे में जानकारी ही नहीं है कि आखिर बोटोक्स और मेसो बोटोक्स है क्या? यहां आज हम आपको मेसो बोटोक्स के बारे में बताएंगे, क्योंकि आजकल बोटोक्स से ज्यादा मेसो बोटोक्स चलन में है। ये बढ़ती उम्र के लक्षण को छिपाने में काफी सफल रहता है।
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क्या होता है इसका काम ?
- फोटो : Adobe stock
क्या होता है इसका काम ?
यदि आप मेसो बोटोक्स कराने का सोच रहे हैं तो पहले ये जान लें कि ये आखिर किस काम आती है। दरअसल, मेसो बोटोक्स एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से बढ़ती उम्र के लक्षणों को छिपाया जाता है।
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क्या होता है इसका काम ?
- फोटो : Adobe stock
यानी कि यदि आपके चेहरे पर, आंखों के आस-पास महीन रेखाएं और झुर्रियां हैं तो आप मेसो बोटोक्स की मदद ले सकते हैं। इसका उपयोग रोमछिद्रों के आकार को कम करने, तेल उत्पादन को नियंत्रित करने और चेहरे पर पसीना कम करने के लिए भी किया जाता है।
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कैसे करता है काम
- फोटो : Adobe stock
कैसे करता है काम
मेसो बोटोक्स में आपके चेहरे के खास हिस्सों पर हायलूरोनिक एसिड के साथ पतले बोटुलिनम टॉक्सिन की छोटी खुराक का इस्तेमाल किया जाता है। इस ट्रीटमेंट में साधारण की जगह माइक्रो नीडल का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर मेसो बोटोक्स का इस्तेमाल माथे की बारीक झुर्रियां, आंखों के नीचे झुर्रियां, नासोलैबियल फोल्ड, मुंह का दबा हुआ कोण, गर्दन, और हाथ पर झुर्रियां हटाने में किया जाता है। ।
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कैसे होता है बोटोक्स से अलग ?
- फोटो : अमर उजाला
कैसे होता है बोटोक्स से अलग ?
अगर आपको लग रहा है कि बोटोक्स और मेसो बोटोक्स एक जैसे होते हैं, तो ये आपकी गलत फहमी है। दोनों में काफी फर्क है। दरअसल, जिस तरह से बोटोक्स का इंजेक्शन सीधे मांसपेशी में लगाया जाता है, ठीक उससे अलग मेसो बोटोक्स का इंजेक्शन त्वचा की सतह पर लगाया जाता है। मेसो बोटोक्स में बोटुलिनम की मात्रा कम होती है, जबकि बोटोक्स में पर्याप्त मात्रा में बोटुलिनम का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं कारणों से मेसो बोटोक्स को बेबी बोटोक्स कहा जाता है।