लॉकडाउन के इस समय में सभी लोग अपने-अपने घरों में ही कैद हैं। ऐसे में लोगों के पास टेलीविजन और सोशल मीडिया ही एकमात्र समय व्यतीत करने का सहारा है। इसी तरह बॉलीवुड और टेलीविजन सेलेब्स भी इन दिनों सोशल मीडिया के माध्यम से ही अपने फैंस के साथ जुड़े हुए हैं। इसी बीच अमर उजाला भी लगातार अपने पाठकों का मनोरंजन करने में लगा हुआ है।
माता-पिता नहीं चाहते थे कि भारती सिंह का जन्म हो, अब लाफ्टर क्वीन बन कर रही हैं टेलीविजन इंडस्ट्री पर राज
अमर उजाला अपने पाठकों के लिए खासतौर पर उनके पसंदीदा सितारों से बातचीत कर रहा है। जिससे पाठक अपने पसंदीदा सितारों को और करीब से जान सकें। इसी कड़ी में आज अमर उजाला ने खास बातचीत की मशहूर कॉमेडियन और लाफ्टर क्वीन कही जाने वाली भारती सिंह से। इस दौरान भारती सिंह ने खुद से जुड़ी हुई कई बातें साझा कीं। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि उनके परिजन नहीं चाहते थे कि वो इस दुनिया में आएं।
'जा को राखे साइयां, मार सके ना कोय...' ये कहावत लाफ्टर क्वीन भारती सिंह पर फिट बैठती है। उनके साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है। भारती से जब इस बारे में पूछा गया कि, 'आखिर क्यों आपके परिवार वाले चाहते थे कि आप दुनिया में ना आएं?' इस सवाल के जवाब में भारती ने कहा, 'हां ये सच है, मेरे घरवाले ऐसा चाहते थे। दरअसल तब ये स्लोगन चला था कि बच्चे 2 ही अच्छे। आबादी बहुत बढ़ रही थी तो लोगों का कहना था कि बच्चे 2 ही करना हैं। मेरे घर में पहले से ही मेरा भाई था फिर बहन थी और तीसरा बच्चा मैं थी।'
आगे भारती बताती हैं, 'तब मेरे मां बाप भी इतने पढ़े लिखे नहीं थे। कैसे प्रिकॉशन लेना है उन्हें नहीं पता था। तो मैं अनचाहा बच्चा हूं, बस पैदा हो गई। मम्मी को तीसरे या दूसरे महीने में पता चला कि वो प्रैग्नेंट हो गई हैं। तब उन्होंने बहुत सारी जड़ी बूटियां खाईं। क्योंकि गरीबी में पैसे नहीं होते तो घर की नानी दादियां होती हैं ना वो हकीम वैद के पास ले जाती हैं। मेरी मम्मी बोलती हैं कि उन्होंने इतनी स्ट्रांग जड़ी बूटी खाई लेकिन मुझे कुछ हुआ ही नहीं।'
भारती कहती हैं कि 'मुझे आना था दुनिया में लोगों को हंसाना था। तो कभी-कभी मम्मी बोलती हैं कि मतलब तुझको कोई चाहता नहीं था। और फिर तू लड़की हो गई तो सब बोलने लग गए कि 2 लड़कियां हो गईं एक ही लड़का है कैसे करेंगे। ये तो अनचाहा बच्चा है। इसकी जरूरत ही नही थी।' लेकिन भारती को तो दुनिया की लाफ्टर क्वीन बनना था। लोगों को हंसाना था।
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