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पंकज त्रिपाठी: कभी लड़की का निभाते थे किरदार, मुश्किल वक्त में पत्नी ने निभाया साथ; पढ़ें संघर्ष के किस्से
Sat, 05 Sep 2026 07:15 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sat, 05 Sep 2026 07:15 AM IST
सार
Pankaj Tripathi Birthday Special: पंकज त्रिपाठी ने फर्श से अर्श तक की कामयाबी हासिल है। उनकी मकबूलियत का आलम यह है कि जब भी फैंस उन्हें किसी फिल्म में देखते हैं तो उन्हें सुकून होता है कि कुछ अच्छा देखने को मिलेगा। पंकज त्रिपाठी के 50वें जन्मदिन पर आइए उनके संघर्ष के बारे में जानते हैं।
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पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
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पंकज त्रिपाठी ऐसे कलाकार हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में गिने जाने लगे हैं। उन्होंने फिल्मों में तो दमदार रोल किए ही हैं, वेब सीरीज में भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। हालांकि यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। उन्होंने कई बार अपने संघर्ष की कहानी बयान की है। आइए उनकी संघर्ष भरी जिंदगी पर एक नजर डालते हैं।
पंकज त्रिपाठी
- फोटो : सोशल मीडिया
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से की पढ़ाई
हाई स्कूल तक की पढ़ाई गांव में करने के बाद त्रिपाठी पटना चले गए। वहां उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट हाजीपुर में पढ़ाई की। पटना में सात साल रहने के बाद वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लेने के लिए दिल्ली चले गए। यहां से उन्होंने 2004 में ग्रेजुएशन पूरा किया।
कन्नड़ फिल्म में निभाया छोटा रोल
पंकज त्रिपाठी ने साल 2003 में कन्नड़ भाषा की फिल्म 'चिगुरिदा कनासु' में एक छोटा सा रोल किया। इसके बाद वह 2004 में मुंबई आ गए। पंकज त्रिपाठी के मुताबिक साल 2004 से 2010 के बीच उन्होंने काम तो किया मगर पैसा नहीं कमाया। वह मुंबई की सड़कों पर घूमते थे। इसके अलावा लोगों से एक्टिंग का मौका देने की विनती करते थे।
हाई स्कूल तक की पढ़ाई गांव में करने के बाद त्रिपाठी पटना चले गए। वहां उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट हाजीपुर में पढ़ाई की। पटना में सात साल रहने के बाद वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लेने के लिए दिल्ली चले गए। यहां से उन्होंने 2004 में ग्रेजुएशन पूरा किया।
कन्नड़ फिल्म में निभाया छोटा रोल
पंकज त्रिपाठी ने साल 2003 में कन्नड़ भाषा की फिल्म 'चिगुरिदा कनासु' में एक छोटा सा रोल किया। इसके बाद वह 2004 में मुंबई आ गए। पंकज त्रिपाठी के मुताबिक साल 2004 से 2010 के बीच उन्होंने काम तो किया मगर पैसा नहीं कमाया। वह मुंबई की सड़कों पर घूमते थे। इसके अलावा लोगों से एक्टिंग का मौका देने की विनती करते थे।
पत्नी के साथ पंकज त्रिपाठी
- फोटो : इंस्टाग्राम@pankajtripathi
पत्नी ने उठाया खर्चा
पंकज त्रिपाठी के मुताबिक उस दौर में उनकी पत्नी मृदुला उनके घर का पूरा खर्च उठाती थीं। वह स्कूल में पढ़ाती थीं। वही परिवार को संभालती थीं। अभिनेता का कहना है कि अगर उनकी पत्नी ना होतीं तो उनका कामयाबी हासिल करना मुमकिन नहीं हो पाता। पंकज ने माना कि उनके ये दिन संघर्ष के नहीं बल्कि बीज अंकुरित होने के थे। उनके मुताबिक वह खुद को कला के लिए तैयार कर रहे थे।
अलग तरह से मांगे थे काम
शुरुआत में जब पंकज त्रिपाठी काम के लिए दफ्तरों में भटकते थे। जब भी गार्ड उनसे पूछता था कि किसने बुलाया है, तो वह कहते थे कि बुलाया नहीं है, ईश्वर जी ने भेजा है। जब अंदर कास्टिंग डायरेक्टर उनसे पूछता, तो वही जवाब देते कि ईश्वर जी ने भेजा है। फिर जब वो पूछते कि कौन ईश्वर जी तो पंकज त्रिपाठी ऊपर वाले की तरफ इशारा करते। उनकी बात सुनकर कई लोग तो हंस पड़ते थे और कई लोग खफा भी हो जाते थे।
पंकज त्रिपाठी के मुताबिक उस दौर में उनकी पत्नी मृदुला उनके घर का पूरा खर्च उठाती थीं। वह स्कूल में पढ़ाती थीं। वही परिवार को संभालती थीं। अभिनेता का कहना है कि अगर उनकी पत्नी ना होतीं तो उनका कामयाबी हासिल करना मुमकिन नहीं हो पाता। पंकज ने माना कि उनके ये दिन संघर्ष के नहीं बल्कि बीज अंकुरित होने के थे। उनके मुताबिक वह खुद को कला के लिए तैयार कर रहे थे।
अलग तरह से मांगे थे काम
शुरुआत में जब पंकज त्रिपाठी काम के लिए दफ्तरों में भटकते थे। जब भी गार्ड उनसे पूछता था कि किसने बुलाया है, तो वह कहते थे कि बुलाया नहीं है, ईश्वर जी ने भेजा है। जब अंदर कास्टिंग डायरेक्टर उनसे पूछता, तो वही जवाब देते कि ईश्वर जी ने भेजा है। फिर जब वो पूछते कि कौन ईश्वर जी तो पंकज त्रिपाठी ऊपर वाले की तरफ इशारा करते। उनकी बात सुनकर कई लोग तो हंस पड़ते थे और कई लोग खफा भी हो जाते थे।
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पंकज त्रिपाठी
- फोटो : सोशल मीडिया
पहली फिल्म के बाद भी जारी रहा संघर्ष
साल 2004 में रोमांटिक-एक्शन फिल्म 'रन' रिलीज हुई। इसमें उन्होंने एक ऐसा रोल किया था, जिसके लिए उन्हें क्रेडिट नहीं मिला। इस फिल्म के रिलीज होने के बाद उन्हें कई वर्षों तक ठीक से कैमरे का सामना करने का मौका नहीं मिला।
गैंगस्टर किरदारों के लिए हुए मशहूर
करियर की शुरुआत में, उन्होंने ज्यादातर विलेन के रोल किए और गैंगस्टर किरदारों के लिए पहचाने जाने लगे। उन्होंने शुरुआत में कई हिंदी फिल्मों में छोटे रोल किए, जिनमें 'बंटी और बबली', 'अपहरण', 'ओमकारा', 'शौर्य', 'रावण', 'आक्रोश', 'चिल्लर पार्टी' और 'अग्निपथ' शामिल हैं।
साल 2004 में रोमांटिक-एक्शन फिल्म 'रन' रिलीज हुई। इसमें उन्होंने एक ऐसा रोल किया था, जिसके लिए उन्हें क्रेडिट नहीं मिला। इस फिल्म के रिलीज होने के बाद उन्हें कई वर्षों तक ठीक से कैमरे का सामना करने का मौका नहीं मिला।
गैंगस्टर किरदारों के लिए हुए मशहूर
करियर की शुरुआत में, उन्होंने ज्यादातर विलेन के रोल किए और गैंगस्टर किरदारों के लिए पहचाने जाने लगे। उन्होंने शुरुआत में कई हिंदी फिल्मों में छोटे रोल किए, जिनमें 'बंटी और बबली', 'अपहरण', 'ओमकारा', 'शौर्य', 'रावण', 'आक्रोश', 'चिल्लर पार्टी' और 'अग्निपथ' शामिल हैं।
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पंकज त्रिपाठी
- फोटो : सोशल मीडिया
इन फिल्मों से मिली कामयाबी
पंकज त्रिपाठी ने साल 2012 में 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में सुल्तान के रूप में अपनी पहली प्रमुख भूमिका निभाई। इस फिल्म से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस फिल्म के बाद वह 'दबंग 2' (2012), 'गुंडे' (2014), 'सिंघम रिटर्न्स (2014) और 'दिलवाले' (2015) जैसी फिल्मों में छोटी भूमिकाएं निभानी जारी रखीं।
पंकज त्रिपाठी की हाल की रिलीज हुई फिल्में
मुख्य अभिनेता के रूप में त्रिपाठी की पहली फिल्म 'गुड़गांव' (2017) थी। इसके बाद वह कामयाब फिल्मों 'बरेली की बर्फी' और 'फुकरे रिटर्न्स' में अहम भूमिकाओं में भी दिखाई दिए। उन्होंने राजकुमार राव के साथ 'न्यूटन' में काम किया।
हाल ही में वह 'मिर्जापुर द मूवी', 'ओह माय डॉग' और 'मेट्रो इन दिनों' में नजर आए।
पंकज त्रिपाठी ने साल 2012 में 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में सुल्तान के रूप में अपनी पहली प्रमुख भूमिका निभाई। इस फिल्म से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस फिल्म के बाद वह 'दबंग 2' (2012), 'गुंडे' (2014), 'सिंघम रिटर्न्स (2014) और 'दिलवाले' (2015) जैसी फिल्मों में छोटी भूमिकाएं निभानी जारी रखीं।
पंकज त्रिपाठी की हाल की रिलीज हुई फिल्में
मुख्य अभिनेता के रूप में त्रिपाठी की पहली फिल्म 'गुड़गांव' (2017) थी। इसके बाद वह कामयाब फिल्मों 'बरेली की बर्फी' और 'फुकरे रिटर्न्स' में अहम भूमिकाओं में भी दिखाई दिए। उन्होंने राजकुमार राव के साथ 'न्यूटन' में काम किया।
हाल ही में वह 'मिर्जापुर द मूवी', 'ओह माय डॉग' और 'मेट्रो इन दिनों' में नजर आए।