पृथ्वीराज कपूर से लेकर उनके परिवार की चौथी पीढ़ी रणबीर कपूर तक के साथ अदाकारी के जलवे बिखेरने वालीं अभिनेत्री जोहरा सहगल की आज पुण्यतिथि है। उनका जन्म सहारनपुर में ढोली खाल के पास मोहल्ला दाऊद सराय में 27 अप्रैल 1912 को पठान मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम साहेबजादी जोहरा बेगम मुमताज उल्ला खान था। उनके पिता मुमताज उल्ला खान और नातिका उल्ला खान उतर प्रदेश के रामपुर निवासी थे।
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जोहरा सहगल और रणबीर कपूर
- फोटो : Social Media
सात बच्चों में तीसरे नंबर की जोहरा बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा वाली थीं, लेकिन अपनी रुचि के अनुसार नृत्य और रंगमंच में 14 साल तक सक्रिय रहने के बाद उनकी जवानी से लेकर बुढ़ापे तक का सफर फिल्मी दुनिया के नाम रहा। वह अकेली ऐसी शख्स रहीं, जिन्होंने पृथ्वीराज कपूर, पिछली सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर नए जमाने के अभिनेता रणबीर कपूर तक के साथ अभिनय कर छाप छोड़ी।
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जोहरा सहगल
- फोटो : सोशल मीडिया
जोहरा ने अपनी पढा़ई क्वीन मैरी कॉलेज से पूरी की और उनके लिए कॉलेज में पर्दा रखना अनिवार्य था। जर्मनी के मैरी विगमैन बैले स्कूल में एडमीशन पाने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं। तीन साल तक यहां जोहरा ने नए जमाने का डांस सीखा। एक कार्यक्रम के दौरान जोहरा की मुलाकात भारत के मशहूर नर्तक उदय शंकर से हुई। विदेश में इतनी खूबसूरत भारतीय युवती की पारंपरिक नृत्य में दिलचस्पी देख उदय शंकर बहुत खुश हुए और बोले कि वतन पहुंचते ही वह उनके लिए काम देखेंगे।
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जोहरा सहगल
- फोटो : Social Media
जोहरा सहगल ने साल 1945 में 400 रुपये महीने की सेलरी पर पृथ्वी थिएटर ज्वाइन किया और अगले 14 साल पूरे हिंदुस्तान का शहर शहर छान मारा। पृथ्वी थिएटर के अलावा जोहरा इप्टा की भी सक्रिय सदस्य रहीं। इप्टा ने जब ख्वाजा अहमद अब्बास के निर्देशन में अपनी पहली फिल्म बनाई, धरती के लाल तो वह इसकी भी हीरोइन बनीं। इप्टा की वजह से ही जोहरा को चेतन आनंद की नीचा नगर में भी काम मिला। कान्स फिल्म फेस्टिवल का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार पाल्मे डी ओर जीतने वाली ये पहली भारतीय फिल्म है।
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जोहरा सहगल और अमिताभ बच्चन
फिल्मों में जोहरा सहगल को पहला मौका 1982 में जेम्स आइवरी की फिल्म में मिला। उन्होंने बॉलीवुड के अलावा कई ब्रिटिश फिल्मों और टीवी शोज में काम किया। पाकिस्तान में एन इवनिंग विद जोहरा शो सुपरहिट रहा।हम दिल दे चुके सनम, वीर जारा, सांवरिया और चीनी कम में उनकी खूबसूरती ने लोगों को अपना खूब दीवाना बनाया। संयुक्त राष्ट्र के आबादी फंड (यूएनपीएफ) के शुरू किए लाडली अवार्ड्स में उन्हें सदी की लाडली का अवॉर्ड मिला।