मुश्किल ही होता है जब तीन पीढ़ियों की पसंद एक ही कार्य्रकम हो। नए दौर में जहां लोगों के आपस में विचार नहीं मिलते, वहां रामायण ने ऐसा जादू किया कि परिवार के सभी लोग एक साथ बैठकर टीवी देखने लगे। ऐसी कई तस्वीरें सामने आईं जहां बाप बेटे के साथ ही पोते-पोतियों ने भी रामायण देखी। लॉकडाउन में रामानंद सागर के रामायण के प्रसारण ने टीआरपी के कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए।
जब बीमार बच्चों को 'सीता' के पैरों में लाकर रख देते थे लोग, दीपिका ने बताया इस तरह करती थीं सामना
रामायण सीरियल के हर कलाकार ने अपना काम इतना बखूबी से निभाया कि 33 साल बाद भी सभी का प्यार मिल रहा है। श्रीराम, सीता माता और लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले कलाकार को तो भगवान माना जाने लगा। हाल ही में रामायण में सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने अमर उजाला से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए।
दीपिका ने कहा, 'ऐसा लगातार होता था कि लोग हमें भगवान समझ बैठते थे। कई बार लोग अपने बच्चों के बीमार होने या फिर जन्मदिन होने पर हमारे पैरों में लाकर रख दिया करते थे। वो समझते थे कि हम साक्षात राम- सीता हैं और हमारे आशीर्वाद देने से उनकी जिंदगी में बदलाव हो जाएगा।'
दीपिका ने आगे बताया, 'लोग हमें भगवान का रूप समझते थे। वो हमारे पैर छूते थे और बहुत अदब से बात करते थे। यहां तक लोग हमसे नजरे झुकाकर बात करते थे वो कभी ऊपर आंखें नहीं उठाया करते थे। लोग अलग-अलग तरह का प्यार देते थे। मैं तब लोगों से कहती थी कि कृपया आप ऐसा मत करिए। हम सिर्फ कलाकार हैं। हम आपको गुमराह नहीं करना चाहते। हमने अच्छा अभिनय किया है इसलिए हम आपको पसंद आ रहे हैं।'
बता दें कि रामानंद सागर की रामायण में दीपिका के अलावा अभिनेता अरुण गोविल ने भगवान श्रीराम और सुनील लहरी लक्ष्मण का किरदार निभाया था। रामायण को 90 के दशक में भी खूब पसंद किया गया था। अब पुनः प्रसारण में रामायण को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है।
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