न तो महात्मा होना आसान था, न ही उनके किरदार को बड़े पर्दे पर जीना।
वैसे तो बापू पर कई फिल्में बनीं, कई किरदारों ने उनका चोला पहनकर उनके जैसा दिखने और बोलने की कोशिश की। लेकिन इन पांच एक्टर्स ने इतनी शिद्दत, शालीनता और शानदार तरीके से उनका किरदार निभाया कि बापू का नाम लेते ही इन कलाकारों की ही तस्वीर जेहन में उतर आती है।
राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी के जन्मदिन पर एक नजर उन एक्टर्स पर जिन्होंने अपनी दमदार अदाकारी की बदौलत 'आजकल के बच्चों' का महात्मा से परिचय कराया
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दिलीप प्रभावलकर
'गांधीगिरी' का कॉन्सेप्ट हिट करने का क्रेडिट सिर्फ संजय दत्त और अरशद वारसी को ही नहीं, मराठी एक्टर दिलीप प्रभावलकर को भी जाता है। फिल्म 'लगे रहो मुन्नाभाई' में उन्होंने जितने प्यार और कूल अंदाज में बापू बनकर उनकी दी सीख को समझाया वह वाकई काबिले तारीफ है।
बेन किंग्सले
बेन किंग्सले वो अंग्रेज है जिसने बापू का किरदार निभाकर भारतीयों को दिल जीत लिया। फिल्म 1982 में आई फिल्म 'गांधी' में मोहनदास करमचंद गांधी का किरदार निभाने के लिए बेन किंग्सले को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर भी मिल चुका है।
दर्शन जरीवाला
फिरोज अब्बास खान की फिल्म 'गांधी: माई फादर' में दर्शन जरीवाला ने बापू का किरदार निभाया। फिल्म गांधी और उनके बेटे हरिलाल गांधी के रिश्तों पर आधारित थी। जाहिर है पिता-बेटे के द्वंद्व को एक चर्चित शख्सियत की वेश-भूषा और उसके दायरे में रहते हुए निभाने के लिए जरीवाला के लिए चुनौतीपूर्ण रही। फिल्म मे उनकी अदाकारी की समीक्षकों ने सराहना की थी।
रजित कपूर
मशहूर जासूस ब्योमकेश बक्शी के तौर पर मशहूर रजित कपूर को फिल्म 'द मेकिंग ऑफ महात्मा' में लीड किरदार निभाने पर भी खूब सराहना मिली थी। साल 1996 में आई इस फिल्म को श्याम बेनेगल ने डायरेक्ट किया था।