वाहन चालकों की सहूलियत के लिए शुरू की गई नोएडा की पहली एलिवेटेड रोड रात में मनचलों के लिए मौज-मस्ती का अड्डा बन गई है। रात के वक्त युवक एलिवेटेड रोड पर बीयर और शराब पीकर गाड़ियों में फर्राटा भर रहे हैं। शुक्रवार देर रात एलिवेटेड रोड पर ऐसी कई गाड़ियां दौड़ती दिखीं। शनिवार सुबह रोड पर कई जगह बीयर व शराब की खाली बोतलें पड़ी मिलीं। ऐसे में ये बोतलें किसी भी समय हादसों की वजह बन सकती हैं।
(सभी फोटो: लाल सिंह, अमर उजाला/नोएडा)
दिन हो या रात एलिवेटेड रोड पर दूर-दूर तक पुलिस नहीं दिखती। तीन थाना क्षेत्रों- सेक्टर-20, 24 व 58 में पड़ने वाली 4.8 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर पुलिस या पीसीआर वैन खड़ी करने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं है। एलिवेटेड होने के कारण रोड पर कोई रुकावट नहीं है। ऐसे में अराजक तत्वों के लिए ये रोड किसी जन्नत से कम नहीं है। रात में ये लोग एलिवेटेड रोड पर बीयर और शराब पीते हुए गाड़ी भगाते हैं। इसके बाद बोतलों को रोड पर ही फेंक देते हैं। ऐसे में एलिवेटेड रोड पर पुलिस की पुख्ता निगरानी की आवश्यकता है।
एलिवेटेड रोड पर बीच के रैंप का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण अभी ऊपर चढ़ने वाला ट्रैफिक अचानक से मुख्य लेन के यातायात से जुड़ता है। इससे भी हादसे का खतरा बना रहता है। रैंप को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इससे ऊपर आने वाले वाहन मुख्य लेन पर थोड़ी दूर चलने के बाद में एक डिवाइडर के जरिये जुड़ेंगे।
एलिवेटेड रोड पर अभी रैंप, स्पीड ब्रेकर या आगे चल रहे काम की वजह से लेन का कुछ हिस्सा बंद होने की चेतावनी देने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि इस पर तत्काल रिफ्लेक्टर युक्त चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। इसी तरह काम के लिए बंद की जाने वाली लेन के कुछ हिस्से पर भी रात के वक्त रिफ्लेक्टर का इस्तेमाल किया जाए।
राज्य सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य पर जल्दबाजी में एलिवेटेड रोड का उद्घाटन कर दिया गया। अब भी एलिवेटेड रोड पर बीच में चढ़ने-उतरने के लिए रैंप का निर्माण चल रहा है। इसकी एक वजह ये भी थी कि एलिवेटेड रोड चलने के काबिल तैयार हो चुका है। इसके खोलने से नीचे के मुख्य मार्ग पर जाम झेल रहे वाहन चालकों को तत्काल राहत मिलेगी।